सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में 12 घंटे से ब्लैकआउट, अंधेरे में हुआ इलाज, सिस्टम पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत चौंकाने वाली है. जिस मेडिकल कॉलेज में रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, वही अस्पताल पिछले 12 घंटे से अंधेरे में डूबा हुआ है। रात करीब 12 बजे से बिजली आपूर्ति ठप है और हालात ऐसे हैं कि भर्ती मरीजों से लेकर ओपीडी में आने वाले लोग तक बेहाल हैं। बिजली न होने के कारण ब्लड जांच ठप हो गई है, पानी की किल्लत खड़ी हो गई है और मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी भारी परेशानी झेल रहे हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि जांच के लिए लिए गए ब्लड सैंपल 12 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद खराब हो चुके हैं, जिससे रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं, ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील विभागों में भी कोई ठोस बैकअप व्यवस्था मौजूद नहीं है।

सी-ब्लॉक में न तो जनरेटर है और न ही इनवर्टर, ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. हालांकि जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्था बहाल करने का दावा जरूर कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

 

24 घंटे सप्लाई का दावा फेल

 

मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. रात 12 बजे से बिजली गुल होने के बाद अस्पताल की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है. ऑपरेशन थिएटर, ब्लड जांच, पैथोलॉजी और अन्य जरूरी सेवाएं ठप हो गई हैं. भीषण गर्मी के बीच पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

अस्पताल पहुंचे मरीजों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, आए दिन इसी तरह की समस्या सामने आती है. कई लोग पिछले दिन भी ब्लड रिपोर्ट लेने आए थे, लेकिन बिजली न होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा. आज फिर सुबह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं.

 

सी-ब्लाक में कामकाज पूरी तरह प्रभावित

 

वहीं सी ब्लॉक की प्रभारी डॉ. ज्योति अग्रवाल ने बताया कि उन्हें हाल ही में इस ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस ब्लॉक में ब्लड जांच, डेंटल और ऑपरेशन थिएटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन बिजली की व्यवस्था न होने के कारण कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है.

उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि अब तक यहां जनरेटर या इनवर्टर जैसी बुनियादी बैकअप सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई. उनका कहना है कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात कर जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके. साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि बिजली न होने की वजह से लिए गए ब्लड सैंपल प्रभावित हुए हैं, जिसका असर जांच रिपोर्ट पर भी पड़ सकता है।

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