सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के नेता संदीप पाण्डेय, अभय सिन्हा और फैसल खान ने बयान जारी कर कहा है कि सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) भारत और हरयाणा में लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दस सालों में देश में संविधान की गारंटी को छोड़कर मोदी की गारंटी की दुहाई दी जाने लगी है। देश के संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने के सारे प्रयास हम विफल करेंगे।
नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताएं – रोटी, कपड़ा, मकान, यातायात, दूर-संचार, शिक्षा व स्वास्थ्य सभी नागरिकों को सुलभ कराने की जिम्मेदारी राज्य की है। उपरोकत सारी आवश्यकताएं निःशुल्क पूरी होनी चाहिएं और इसलिए इन क्षेत्रों को निजीकरण की प्रक्रिया से बाहर रखा जाना चाहिए। जब तक समान शिक्षा प्रणाली लागू नहीं की जाती शिक्षा का सार्वभौमीकरण नहीं होगा और देश प्रगति नहीं कर सकता। प्रत्येक देश जिसने 99-100 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है, समान शिक्षा प्रणाली (सरकार द्वारा पोषित, संचालित) के माध्यम से ही की है। इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निजीकरण पर रोक लगनी चाहिए और सभी नागरिकों को एक गुणवत्ता वाली सेवा मुफ्त उपलब्ध होनी चाहिए।
रोजगार के अधिकर को मौलिक अधिकार बनाया जाए। जो छात्र-छात्रा जो विषय पढ़ना चाहता है उसे उसका मौका मिलना चाहिए। उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए परीक्षा नहीं होनी चाहिए। पर्याप्त महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, प्रौद्योगिकी व चिकित्सीय संस्थान खुलने चाहिए ताकि कोई अपना मनपसंद विषय पढ़ने से वंचित न रहे। जिनको आज बेरोजगार कहा जाता है उन्हें इन शिक्षण संस्थानों में कार्य करना चाहिए।
हरयाणा के पहलवानों के महिला खिलाड़ियों के साथ हुए यौन शोषण के खिलाफ संघर्ष को हम सलाम करते हैं और सरकार की भत्र्सना करते हैं कि मुख्य आरोपी बृज भूषण शरण सिंह आज भी खुला घूम रहा है और न्यायालय जाकर अपने खिलाफ आरोप खारिज कराना चाह रहा है। प्रधान मंत्री जो महिला सशक्तिकरण के हिमायती होने का दावा करते हैं अपने दल के सांसद के खिलाफ आज तक कोई भूमिका नहीं ले पाए।
हरयाणा सरकार द्वारा किसानों का उत्पीड़न करने की भी हम भत्र्सना करते हैं। हम किसानों की न्यूनतम सर्मथन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाए जाने की मांग का समर्थन करते हैं। भाजपा सासंद कंगना रानौत द्वारा किसानों का अपमान किए जाने की भी हम भत्र्सना करते हैं। भाजपा सरकार किसान विरोधी है यह तो इसी से स्पष्ट है कि अभी तक पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी या उसके बेटे के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है जिसने अपनी जीप से कुचलकर 4 किसानों व एक पत्रकार को मार डाला था। हम हरयाणा में धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ खड़े हैं ताकि इस प्रदेश को भाजपा के मुक्ति मिल सके।

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