तो क्या अखिलेश के गाजीपुर पहुंचने से सपा को मिलेगी मुस्लिमों की सहानुभूति ?

चरण सिंह 

डॉ. राम मनोहर लोहिया का अनुयायी होने का दावा करने वाले अखिलेश यादव आखिर गैंगस्टर माफिया मुख्तार अंसारी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गाजीपुर जाकर आखिर क्या संदेश देना चाहते हैं ? मुख्तार अंसारी के परिजनों से मिलकर उनको सांत्वना देना तो समझ में आता है पर एक सजायाफ्ता गैंगस्टर को श्रद्धांजलि देकर अखिलेश यादव समाजवाद के साथ कितना न्याय कर पा रहे हैं ? अखिलेश यादव को समझना चाहिए कि  मुख्तार अंसारी को सजा बीजेपी नहीं बल्कि देश की न्यायपालिका ने दी थी। तो क्या मुख्तार अंसारी के सामने खड़ा होना अपराध था ? अपने सामने खड़ा होने वाले व्यक्ति को मार डालने वाले माफिया मुख्तार अंसारी को कैसी श्रद्धांजलि ? एक अपराधी को श्रद्धांजलि देकर वोटों की फसल काटने का मंसूबा पालने वाले नेताओं को समाजवादी तो नहीं कह सकते हैं। तो क्या अखिलेश यादव को मुख्तार अंसारी को श्रद्धांजलि देने से मुस्लिमों की सहानुभूति मिल जाएगी ? क्या गाजीपुर समेत आसपास के क्षेत्र की सीटें उनकी गाजीपुर जाने से प्रभावित होंगी ?

दरअसल अखिलेश यादव ज्यादा चतुराई दिखाने के चक्कर में ही पार्टी को ले डूबे हैं। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे आजम खां के मामले में मुलायम सिंह यादव के कहने के बावजूद अखिलेश खड़े न हो सके। आजम खां के पक्ष में अखिलेश यादव कोई आंदोलन न कर सके। खुलकर बीजेपी के खिलाफ मुखर न हो सके । मुख्तार अंसारी के मामले में भी अखिलेश यादव सीधे टकराव मोल न ले सके। हां दिखावा जरूर करते रहे। अब जब लोकसभा चुनाव के चलते सत्तारूढ पार्टी बीजेपी रैलियां कर रही हैं तब अखिलेश यादव मिलने और मिलाने का खेल खेल रहे हैं।
कहना गलत न होगा कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव से कुछ राजनीति न सीख सके। यदि सीखते तो इतने कनफ्यूजन न होते कि अब तक नौ सीटों पर प्रत्याशी ही बदल दिये। मुरादाबाद, मेरठ और गौतमबुद्धनगर में तीन-तीन बार प्रत्याशी बदल दिये गये। कन्नौज जैसी महत्वपूर्ण सीट पर अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। मुलायम सिंह यादव ने तो पार्टी के गठन के बाद लगातार सीटों की संख्या बढ़ाई। मतलब 4 अक्टूबर 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया और 1996 के लोकसभा में 17,  1998 में 20, 1999 में 26, 2004 में 36 , 2009 में 23 सीटें जीतीं। अखिलेश यादव को भी मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने ही बनाया। मुलायम सिंह ने तो अपने मुख्यमंत्रित्व काल में 36 सीटें प्राप्त की थीं। अखिलेश यादव तो अपने मुख्यमंत्रित्व काल में 5 सीटों पर ही सिमट कर रह गये थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने अपने पिता की सहमति के बिना बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन किया। बहुजन समाज पार्टी तो 10 सीटें ले गई पर समाजवादी पार्टी मात्र 5  सीटों पर ही सिमट कर रह गई। अब तो उनकी पांच सीटें भी आनी मुश्किल लग रहे हैं।
  • Related Posts

    इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद संजय राउत की ममता बनर्जी को सलाह, ‘…आप उनके पीछे मत भागिए’

    दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद…

    Continue reading
    ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी, एनडीए को किया समर्थन

    Rebel TMC MPs To Support NDA : तृणमूल…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, 8 लोगों की मौत, कई घायल 

    • By TN15
    • June 8, 2026
    विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, 8 लोगों की मौत, कई घायल 

    यूपी विधानसभा चुनाव के लिए करणी सेना का ऐलान, 50 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार; कहा- हम गुलाम नहीं

    • By TN15
    • June 8, 2026
    यूपी विधानसभा चुनाव के लिए करणी सेना का ऐलान, 50 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार; कहा- हम गुलाम नहीं

    इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद संजय राउत की ममता बनर्जी को सलाह, ‘…आप उनके पीछे मत भागिए’

    • By TN15
    • June 8, 2026
    इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद संजय राउत की ममता बनर्जी को सलाह, ‘…आप उनके पीछे मत भागिए’

    RJD को बड़ा झटका, शिवचंद्र राम ने दिया इस्तीफा, फूट-फूटकर रोए, कहा- ‘मैंने 3-4 दिन से…’

    • By TN15
    • June 8, 2026
    RJD को बड़ा झटका, शिवचंद्र राम ने दिया इस्तीफा, फूट-फूटकर रोए, कहा- ‘मैंने 3-4 दिन से…’

    ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी, एनडीए को किया समर्थन

    • By TN15
    • June 8, 2026
    ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी, एनडीए को किया समर्थन

    ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा’, नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने पर CM योगी का जोर

    • By TN15
    • June 8, 2026
    ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा’, नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने पर CM योगी का जोर