तो अपरिपक्व आकाश आनंद को फिर से स्टार प्रचारक बना दिया मायावती ने?

चरण सिंह
जिन आकाश आनंद को बसपा मुखिया मायावती ने राजनीति में अपरिपक्व बताते हुए न केवल अपने उत्तराधिकारी होने का अधिकार छीन लिया था बल्कि राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से भी हटा दिया। अब उन्हीं आकाश आनंद को उन्होंने पंजाब और उत्तराखंड में 10 जुलाई को होने वाले उप चुनाव के लिए स्टार प्रचारक बनाया है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या अब आकाश आनंद राजनीति में परिपक्व हो गये हैं ? या फिर मायावती ने किसी दबाव में ऐसा किया था ? या फिर से आकाश आनंद इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उधरदलित वोटबैंक के बलबूते राजनीति करने वाले चंद्रशेखर आजाद अलग से मायावती के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।
दरअसल गत लोकसभा चुनाव में आकाश आनंद बसपा के स्टार प्रचारक के रूप में पार्टी प्रत्याशियों के लिए काम कर रहे थे। उनके आक्रामक भाषण की लगातार तारीफ हो रही थी। आकाश आनंद ने नगीना लोकसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी सुरेन्द्र पाल सिंह के पक्ष में प्रचार करते हुए चंद्रशेखर आजाद पर दलित युवाओं पर मुकदमे दर्ज कराकर उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। आकाश आनंद के इस बयान ने चंद्रशेखर आजाद के आंदोलनकारी चेहरे को काफी मजबूती प्रदान की। तब आकाश आनंद के बारे में प्रतिक्रिया आई थी कि आंदोलन से बचकर नेता कैसे बना जा सकता है। आकाश आनंद की भाषण की लगातार तारीफ हो रही थी। सीतापुर में बसपा प्रत्याशी महेंद्र यादव के पक्ष में प्रचार करते हुए उन्होंने भाजपा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस मामले में आकाश आनंद समेत कई बसपा नेताओं पर गैर जमानती धाराओं में मुकदमे दर्ज किये गये। मायावती ने आकाश आनंद को राजनीति में परिपक्व बताते हुए न केवल उनसे अपने उत्तराधिकारी होने का अधिकार छीन लिया बल्कि राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद भी छीन लिया।
बसपा का बुरी तरह से हारने का कारण चुनाव के बीच में आकाश आनंद को घर बैठाना भी माना जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि आकाश आनंद पर मायावती की कार्रवाई को बसपा कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के डर के रूप में देखा। यही वजह रही कि दलित वोट बैंक इंडिया गठबंधन की ओर ट्रांसफर हो गया। मायावती ने अपनी गलती न मानते हुए मुस्लिम समाज पर भड़ास निकाल दी। मायावती ने एक पत्र जारी कर दिया, जिसमें उन्होंने सबसे अधिक टिकट मुस्लिम समाज को देने की बात करते हुए इस समाज पर बसपा का साथ न देने का आरोप लगाया। अब जब नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद आकाश आनंद को राजनीति सीखने के लिए भीम आर्मी ज्वाइन करने की नसीहत दे रहे हैं। ऐसे में मायावती ने पंजाब और उत्तराखंड उप चुनाव के लिए आकाश आनंद को स्टार प्रचारक बना दिया है। क्या आकाश आनंद घर बैठकर परिपक्व नेता बन गये ? अब जब चंद्रशेखर आजाद उपचुनाव में अपना जलवा बिखरने को बेताब हैं, ऐसे में आकाश आनंद को मायावती ने फिर से स्टार प्रचारक बनाया है। क्या गारंटी है कि आकाश आनंद के धारदार भाषणों से मायावती को कोई दिक्कत नहीं होगी ? उत्तराखंड में तो बीजेपी की ही सरकार है। क्या आकाश आनंद उत्तराखंड में बीजेपी के खिलाफ नहीं बोलेंगे।

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