कलयुगी ‘इश्क’ का भूत सवार!
सीतामढ़ी। समाज जैसे-जैसे शिक्षित होता जा रहा है, वैसे-वैसे नैतिकता और संस्कार का ह्रास भी हो रहा है। भले ही इस बात को अधिकतर लोग स्वीकार न करें, लेकिन बात में सच्चाई से इंकार भी नही किया जा सकता। सीतामढ़ी जिले के जाने-माने हास्य कवि गीतेश कहते है कि बच्चों को सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार युक्त शिक्षा दिलाने की जरूरत है। वास्तव में गीतेश की बातों में पूरा दम है। संस्कार युक्त शिक्षा मिली रहती तो शायद दो सगी बहनें एक ही प्रेमी संग नहीं भागती। ये बात सुनकर और पढ़कर अधिकांश लोगों को कुछ अजीब और अविश्वसनीय लग रहा होगा, मगर सच है।
सभ्य समाज को झकझोर देने को मजबूर करने वाली यह खबर सीतामढ़ी के डुमरा थाना क्षेत्र की है। दो सगी नाबालिग बहनों का प्रेमी संग भाग जाने के बाद माता-पिता पर क्या बीत रही होगी, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इधर, काफी खोजबीन के बाद भी दोनों पुत्रियों का कोई पता नहीं चलने पर मजबूर और हताश पिता पुलिस की शरण में पहुंचा है। पिता ने पुलिस के पास पहुंचकर अपनी बेटियों को खोजने की गुहार लगाई है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने में जुटी है।
पिता ने पुलिस को बताया है कि उनकी एक पुत्री 22 वर्ष की है, जो ननिहाल डुमरा थाना क्षेत्र के ही एक गांव में रह रही थी। पांच सितंबर 24 को वह सूरज कुमार नामक युवक के साथ चली गई। युवक पर बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया गया है। सूरज कुमार गाढ़ा थाना क्षेत्र के मानिक चौक गांव विश्वनाथ साह का पुत्र है। पुत्री के दिल्ली में होने की खबर मिलने पर माता-पिता 13 सितंबर को वहां गए। तब तक सूरज डेरा खाली कर वहां से फरार हो चुका था।
दिल्ली में पुत्री के नहीं मिलने पर दंपति चार दिनों बाद घर लौट आए। यहां पहुंचने पर घर का हाल देख दोनों के सर पर मानो “पहाड़” टूट पड़ा। घर में देखा कि बक्से का ताला टूटा हुआ है। सोने के जेवर, बड़ा मोबाइल, स्कूल/कॉलेज के प्रमाण-पत्र के साथ दूसरी पुत्री (18) गायब है। पिता ने पुलिस को बताया है कि दूसरी पुत्री को भगाने में भी सूरज का ही हाथ है। पिता ने दूसरी पुत्री की जिस मोबाइल नंबर पर बात होती है, वह नंबर पुलिस से शेयर किया है। उन्हें आशंका है कि सूरज उनकी दोनों पुत्री को कहीं गलत जगह बेच देगा। उन्होंने पुलिस से दोनों पुत्रियों को बरामद करने की गुहार लगाई है।








