अपने सांसद से ही कुछ सीख लें रामजी लाल सुमन?

चरण सिंह 
रामजी लाल सुमन जैसे अनुभवी सांसद से इस भाषा का इस्तेमाल करने की उम्मीद नहीं थी। क्या इसे मानसिक दिवालियापन नहीं कहा जाएगा कि जो राणा सांगा को गद्दार कह सकता है ? क्या वोटबैंक की राजनीति इतनी हावी हो गई है कि नेता कुछ भी बोल दे रहे हैं। जिस दौर की बात राम जी लाल सुमन कर रहे हैं। उस दौर में तो दुश्मन भी वीरता की तारीफ करते थे। लड़ाई अपनी जगह थी और नैतिकता अपनी जगह ?
कहा जाता है कि जिस दिन महाराणा प्रताप शहीद हुए थे उस दिन खुद अकबर भी रोया था। और रामजी लाल सुमन राणा सांगा को गद्दार साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। रामजी लाल सुमन आखिर यह तो बताएं कि उन्होंने यह पढ़ा कहां है कि बाबर को राणा सांगा ने बुलाया था। ठीक है बीजेपी पर हमला बोलना है तो उसका तरीका और कुछ भी हो सकता है। क्या राणा सांगा का बीजेपी से कोई लेना देना है। राजपूत समाज को बीजेपी से क्यों जोड़ा जा रहा है ?
रामजी लाल आखिर अपने ही सांसद वीरेंद्र सिंह राणा से ही कुछ सीख ले लें। वीरेंद्र सिंह ने जमीनी रूप से मुद्दा उठाकर बीजेपी को भी कटघरे में खड़ा कर दिया और राणा सांगा की वीरता को भी माना।
दरअसल समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने राणा सांगा को लेकर उठे विवाद पर पर कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करे, जैसे कि देश की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और आम आदमी की समस्याओं पर ध्यान दे। बजाय इसके कि वह इतिहास को लेकर लोगों को भ्रमित करे।
वीरेंद्र सिंह ने सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा को बाबर का समर्थक और गद्दार कहने पर वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि राणा सांगा एक वीर योद्धा थे, जिन्होंने कई युद्ध लड़े और विजय प्राप्त की। राजपूत समाज उन पर गर्व करता है। वीरेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा जिन शासकों की क्रूरता का हवाला दिया जा रहा है, वे केवल समाज में घृणा और विभाजन फैलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अगर इतिहास को पलटने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो क्या हम उस मय की बात करेंगे, जब छत्रपति शिवाजी महाराज के राजतिलक के लिए किसी समुदाय ने बाएं पैर से अंगूठा लगाया था?
देश का कोई भी समाज राणा सांगा और महाराणा प्रताप की आलोचना नहीं सुन सकता है। रामजी लाल सुमन तो राणा सांगा को गद्दार कह रहे हैं। खुद यादव भी राणा सांगा की वीरता की गाथा गाते हैं।  जो योद्धा 80 घाव खाकर भी लड़ा। जो महान योद्धा एक हाथ और एक आंख न होते हुए भी लड़ा। जो जिस योद्धा का धड़ भी लड़ा उसे रामजी लाल सुमन ने तपाक से गद्दार बोल दिया। क्या नेताओं का स्तर इतना गिर गया है।
  • Related Posts

    मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम स्थल से पुलिस ने 2 को दबोचा, मिली बंदूक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुंबई में जहां कार्यक्रम…

    Continue reading
    राहुल गांधी को हाई कोर्ट से झटका, PM मोदी के खिलाफ टिप्पणी से जुड़ा है केस

    बॉम्बे हाई कोर्ट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न: विशेषज्ञों ने कहा-भारतीय ज्ञान परंपरा ही ‘विकसित भारत @2047’ का आधार

    लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न: विशेषज्ञों ने कहा-भारतीय ज्ञान परंपरा ही ‘विकसित भारत @2047’ का आधार

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल आंदोलन जारी, धरना अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया गया

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल आंदोलन जारी, धरना अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया गया

    नाकारा है 80 प्रतिशत लोगों में डर पैदा करने वाली सत्ता!

    नाकारा है 80 प्रतिशत लोगों में डर पैदा करने वाली सत्ता!

    ‘आकाश आनंद के पास अभी भी मौका है…’ अशोक सिद्धार्थ का नाम लेकर मायावती का बड़ा बयान

    ‘आकाश आनंद के पास अभी भी मौका है…’ अशोक सिद्धार्थ का नाम लेकर मायावती का बड़ा बयान

    सहारनपुर में BBC हिंदी की पूर्व रिपोर्टर हुदा जरीवाला गिरफ्तार!

    सहारनपुर में BBC हिंदी की पूर्व रिपोर्टर हुदा जरीवाला गिरफ्तार!

    पाकिस्तान टीम की मदद से वसीम अकरम ने साफ कर दिया मना

    पाकिस्तान टीम की मदद से वसीम अकरम ने साफ कर दिया मना