नई दिल्ली/कोलकाता। सहारा ग्रुप में सुब्रत राय के बाद दूसरे नंबर पर आने वाले सहारा इंडिया के उप प्रबंध निदेशक ओपी श्रीवास्तव आखिर धरे ही गए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1.74 लाख करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। ईडी का आरोप है कि सहारा समूह ने विभिन्न योजनाओं का लालच देकर निवेशकों से भारी भरकम रकम जुटाई, लेकिन उन्हें पैसा वापस नहीं किया गया।
ओपी श्रीवास्तव को लंबी पूछताछ के बाद गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है और उसी रात को उन्हें बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया। शुक्रवार को उन्हें ईडी की विशेष अदालत में दोबारा पेश किया जाएगा। जानकारी मिल रही है कि श्रीवास्तव से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनको गिरफ्तार कर लिया गया। ओपी श्रीवास्तव लंबे समय से बाबा रामदेव के साथ देखे जा रहे थे। यह माना जा रहा था कि ओपी श्रीवास्तव ने सहारा का पैसा बाबा रामदेव की पतंजलि में लगा दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि जिन ओपी श्रीवास्तव को सहारा ग्रुप को आगे बढ़ाने में ध्यान देना चाहिए था वह ओपी श्रीवास्तव सहारा का व्कु वजूद ही खत्म करने में लग गए। पिछले दिनों चर्चा चला थी कि ओपी श्रीवास्तव के निजी सचिव और सहारा इंडिया के अधिशासी निदेशक एस.बी. सिंह ने ‘ने राष्ट्रीय सहारा’ अख़बार (लखनऊ संस्करण) को खरीदने की पेशकश कर दी थी। स्वभाविक है कि ओपी श्रीवास्तव ही राष्ट्रीय सहारा को खरीद रहा होगा।








