यह संबोधन कल (17 अप्रैल 2026) लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन संबंधी संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026) के हार जाने के ठीक एक दिन बाद आ रहा है। बिल को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका—298 सांसदों ने समर्थन किया जबकि 230 ने विरोध किया।
मुख्य संभावित मुद्दे:
महिला आरक्षण का मुद्दा और संसद में हुई घटनाएं। बिल को लागू करने के लिए जरूरी परिसीमन (delimitation) और जनगणना से जुड़े पहलू। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर चली बहस। सरकार ने बिल को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए जरूरी बताया था, जबकि विपक्ष ने परिसीमन और अन्य मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। पीएम मोदी पहले भी संसद में सभी दलों से अपील कर चुके हैं कि महिलाओं के हित में फैसला लिया जाए। संबोधन में महिला आरक्षण पर बात होने की प्रबल संभावना है, साथ ही हाल की संसदीय घटनाओं पर सरकार का रुख स्पष्ट हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत पर उसके प्रभाव का जिक्र भी है, लेकिन मुख्य फोकस महिला आरक्षण पर ही रहने की उम्मीद है।








