गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर

 नहीं सुलझा बीपीएससी परीक्षा विवाद

 पटना। 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा का विवाद अभी तक नहीं सुलझा है। गर्दनीबाग में छात्रों का धरना प्रदर्शन जारी है। 13 दिसंबर को संपन्न परीक्षा रद्द करने को लेकर चल रहा आन्दोलन और तेज हो गया है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर अपनी ताकत झोंक दी है। बीपीएससी छात्रों के समर्थन में प्रशांत किशोर ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पटना गांधी मैदान में वे समर्थकों और सैकड़ों छात्रों के साथ गांधी प्रतिमा के नीचे अनशन पर बैठ गए हैं।
पीके खुले आसमान के नीचे अनशन पर बैठे हैं। कोई पंडाल या शेड नहीं बनाया गया है। इस बीच बीपीएससी की योजना के अनुसार बापू परिसर परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थियों की परीक्षा लेने की तैयारी चल रही है। पटना के 22 केंद्रों पर चार जनवरी को करीब 12 हजार छात्र छात्राओं का प्रीलिम्स री एग्जाम लिया जाएगा। डीएम चंद्रशेखर सिंह के नेतृत्व में सफल और कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर बैठक की गई।
रविवार को इसी स्थान पर पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र संसद का आयोजन किया गया था जिसमें प्रशांत किशोर शामिल हुए। शाम में पीके के नेतृत्व हजारों अभ्यर्थियों का जत्था सीएम आवास तक मार्च पर निकला। पटना पुलिस ने मार्च को जेपी गोलंबर पर रोक दिया।वहीं छात्र प्रदर्शन करने लगे। करीब तीन घंटों तक प्रदर्शकारियों और पुलिस के बीच रस्सा कस्सी चली। उसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर लाठीचार्ज कर विद्यार्थियों को खदेड़ दिया।
लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को पटना में फिर समेत बिहार के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया गया। प्रशांत किशोर ने परीक्षा रद्द कर रीएग्जाम कराने समेत पांच मागें सरकार के सामने रखा और 48 घंटों का अल्टिमेटम देते हुए 2 जनवरी से अनशन का ऐलान कर दिया। पीके की पहल पर बीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रतिनिधि मंडल चीफ सेक्रेटरी अमृत लाल मीणा से मिला लेकिन कोई सार्थक हल नहीं निकला।
छात्र सीएम से मिलने की मांग पर अड़े रहे। इधर दिल्ली दौड़े से सीएम नीतीश कुमार जब पटना पहुंचे तो पल्ला झाड़ लिया और गेंद बीपीएससी के पाले में डाल दिया। सीएम से मिलने के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बयान दिया कि बीपीएससी सक्षम संस्था है। री एग्जाम लेने पर आयोग ही कोई निर्णय लेगी। बीपीएससी पहले ही ऐलान कर चुका था कि किसी भी सूरत में ना परीक्षा रद्द होगी ना री एग्जाम लिया जाएगा।
प्रशांत किशोर के साथ बीपीएससी के दर्जनों छात्र भी बिहार की ध्वस्त शिक्षा और भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसके अलावा, जन सुराज के तमाम नेता भी मौके पर मौज‍ूद हैं – आनंद मिश्रा, अफाक अहमद, सीताराम यादव, ललन यादव, किशोर कुमार, वसीम नैयर अंसारी, अनुराधा यादव, डॉ. बी.बी. शाही समेत सैकड़ों नेता प्रशांत किशोर के साथ गांधी मैदान में बैठे हैं। प्रशांत किशोर का कहना है कि जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलता तब तक वह अनशन पर बैठे रहेंगे।

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