उत्तर प्रदेश और गुजरात में हुए सबसे अधिक मामले, शिक्षा के व्यवसायीकरण के चलते मुश्किल हुआ गरीब बच्चों का पढ़ना
देश में शिक्षा को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं पर शिक्षा के व्यवसायीकरण के चलते गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फीस न जमा होने के दबाव में कितने छात्र-छात्राएं आत्महत्या कर ले रहे हैं। इन मामलों का बड़ा कारण सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरना और बंद होना है। मजबूरन गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ना पड़ता है। गरीबी के कारण फीस जमा न कर पाने के चलते ये बच्चे दम तोड़ दे रहे हैं। अभी हाल में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में अशोक गंगवार की बेटी जो नौवीं कक्षा की छात्रा थी। इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके स्कूल के प्रिंसिपल ने फीस जमा न होने की वजह से उसको परीक्षा में नहीं बैठने दिया। उसके पिता के तमाम अनुरोध करने के बावजूद उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली। छात्रा पिता का अपमान बर्दाश्त न कर सकी और उसने आत्महत्या कर ली। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। पर देश और प्रदेश के कर्णधारों को क्या। उनको तो राजनीतिक रोटियां सेंकनी हैं।








