पीएम मोदी ने किया 11 दिन का विशेष अनुष्ठान, धोती-कुर्ता और अंगवस्त्र में दिखा भक्तिमय रूप

श्री राम जन्मभूमि कि प्राण प्रतिष्ठा के पहले पीएम मोदी ने 11 दिन का विशेष अनुष्ठान के कार्येक्रम में भाग लिया। जिस दौरान वह दक्षिण के कई मंदिरों में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। दरअसल रामायण और भगवान राम से जुड़े स्थलों पर पीएम मोदी ने पूजा-अर्चना की पिछले कुछ दिनों में उन्होंने दक्षिण भारत के कई प्रमुख मंदिरों का दौरा किया और भगवान का आशीर्वाद लिया है। इस दौरान उनका काफी भक्तिमय रूप देखने को मिला था। कहीं भगवा धोती कुर्ता, तो कही सफेद अंगवस्त्र में पीएम मोदी नजर आए।

21 जनवरी को पीएम मोदी धनुषकोडी में कोजंडारामस्वामी मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने भगवान का दर्शन और पूजन किया। मालूम हो कि यह मंदिर श्री कोदंडराम स्वामी को समर्पित है। इस शब्द का अर्थ धनुषधारी राम है। वही बात करे तो इससे पहले वह अरिचल मुनाई पहुंचे थे, जहां से राम सेतु का निर्माण हुआ था। उन्होंने उन सभी मंदिरो के दर्शन करे जहा भगवान राम और रामायण से संबंध था। अपनी यात्रा के दौरान वह तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के श्रीरंगम में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर पहुंचे थे। साथ ही साथ महाराष्ट्र के नासिक में पौराणिक रूप से अहम माने जाने वाले गोदावरी पंचवटी क्षेत्र में स्थित कालाराम मंदिर भी पहुंचे थे। यहां उन्होंने कीर्तन-भजन में हिस्सा लिया था।

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, वनवास के दौरान भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने दंडकारण्य वन में कुछ समय बिताया था। ऐसे में प्रधानमंत्री ने अपने विशेष अनुष्ठान के दौरान पीएम मोदी फर्श पर कंबल ओढ़कर सो रहे थे और पूरे दिन केवल नारियल पानी पीते थे। इन 11 दिनों में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक वेबसाइट पर कई राम भजन और गीत भी शेयर कर रहे थे। और जिसके बाद श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में भाषण देते हुए जय श्री राम का नारा दिया और बोले प्रभु श्री राम आ गए हैं उन्होंने बोला इतने सालो कि तपस्या सदियों की प्रतीक्षा त्याग बलिदान के उपरांत हमारे राम आ गए हैं।

इस शुभ अवसर पर कहने के लिए तो काफी चीजे हैं किन्तु कंठ अवरुद्ध हो रहा हैं। हम सभी पर राम की कृपा हैं हमारे श्री राम अब टेंट में नहीं रहेंगे यह पल ऊर्जावान हैं आज से हज़ार साल के बाद भी लोग इस तारीख पर चर्चा करेंगे
हम पर इतनी कृपा हैं कि हम इस पल को जी रहे हैं। उन्होंने बोला की वह श्री राम से क्षमा याचना भी करना’ चाहता हूँ कि कोई कमी रही होगी जो हमारी तपस्या में कमी रह गई होगी पर अब वो कमी दूर हो गई हैं काफी समय तक यह वियोग सहा यह नए काल चक्र की ऊर्जा हैं देश में नए उत्सव का शरुवात हुई है। पूरा देश आज दिवाली बना रहा हैं।
गांव गांव में कीर्तन हो रहे हैं शाम को दीप को जलाएंगे। न्यायपालिका के निर्णय से राम मंदिर निर्माण का मार्ग खुल गया है अपने 11 दिनों के अनुष्ठान के दौरान मैंने उन स्थानों को चरणस्पर्श करने का प्रयास किया हैं। प्रभि श्री राम के चरण पड़े थे मुझे सागर से सरयू का यात्रा करने का अवसर मिला हर जगह राम नाम चाय हैं। भारत के कण कण में राम विराजे हैं इससे अच्छा देश को समाहित करने वाला सूत्र और कुछ नहीं हो सकता हैं।

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