सीमांचल एक्सप्रेस पर महाकुंभ जाने वाले यात्रियों का कब्जा

 रिजर्वेशन वालों के लिए नहीं खोला गेट

 अररिया। प्रयागराज में 144 साल बाद लगे महाकुंभ मेले में जाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसके चलते सीमांचल एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालु ट्रेन की बोगियों में पहले ही कब्जा जमा लेते हैं, जिससे नियमित यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में दिक्कत होती है। यह समस्या पिछले पांच दिनों से जारी है और रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण आम यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में स्नान करने के लिए नेपाल और बिहार के सीमांचल क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जा रहे हैं। इनमें अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जैसे जिले शामिल हैं। जोगबनी से आनंद विहार टर्मिनस, नई दिल्ली जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस इन श्रद्धालुओं के लिए परिवहन का प्रमुख साधन बन गई है। लेकिन महाकुंभ यात्रियों की भीड़ के कारण आम यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालु जोगबनी स्टेशन पर दिन में ही सीमांचल एक्सप्रेस की बोगियों में कब्जा जमा लेते हैं, जबकि ट्रेन रात पौने नौ बजे रवाना होती है। इसके कारण नियमित यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में काफी परेशानी होती है। यही नहीं, ट्रेन के चलने के बाद भी ये श्रद्धालु अन्य स्टेशनों पर ट्रेन के डिब्बों को अंदर से बंद कर लेते हैं, जिससे उन स्टेशनों पर चढ़ने वाले यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो पाते। इससे स्टेशनों पर हंगामा भी हो रहा है।
यह समस्या पिछले पांच दिनों से बनी हुई है। शुरुआत में श्रद्धालु सामान्य बोगियों में ही कब्जा कर रहे थे, लेकिन अब वे आरक्षित शयनयान और अन्य बोगियों में भी कब्जा करने लगे हैं। इससे आरक्षित सीट वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को जोगबनी स्टेशन पर खड़ी सीमांचल एक्सप्रेस की सभी बोगियों में महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालु दिन से ही जमे रहे।
सोमवार रात को फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर दर्जनों आरक्षित यात्रियों की ट्रेन छूट गई, क्योंकि महाकुंभ यात्रियों ने ट्रेन के डिब्बों को अंदर से बंद कर लिया था। इससे नाराज यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। आरपीएफ और जीआरपी को स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय रेल संगठनों से जुड़े बछराज राखेचा, विनोद सरावगी, राकेश रोशन और चंदन कुमार भगत ने इस समस्या का समाधान सुझाया है। उनका कहना है कि जोगबनी कटिहार रेलखंड की एकमात्र राजधानी नई दिल्ली से जोड़ने वाली सीमांचल एक्सप्रेस, जो उत्तर रेलवे के द्वारा चलाई जा रही है। साल भर भारी वेटिंग लिस्ट के साथ चलती है। इसलिए वर्तमान जरूरत को पूरा करने के लिए एक सुपरफास्ट ट्रेन एनएफआर के द्वारा कटिहार से पूर्णिया, अररिया, फारबिसगंज, ललितग्राम बायपास, दरभंगा बायपास, कानपुर होते हुए चलाया जाना चाहिए।
जिससे कटिहार जोगबनी रेलखंड के यात्रियों को फायदा होगा ही। साथ ही नए रूट होकर जाने से एक बड़ी आबादी भी राजधानी से जुड़ेगी। एक नई सुपरफास्ट ट्रेन चलाने से कटिहार-जोगबनी रेलखंड के यात्रियों को राहत मिलेगी और एक बड़ी आबादी राजधानी से जुड़ सकेगी।

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