सिराथू से केशव प्रसाद मौर्य को हराने वाली पल्लवी पटेल के सिर पर बहुत सारा कर्ज 

सिराथू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को घेरने के लिए समाजवादी पार्टी ने पल्लवी पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है। पल्लवी पटेल केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन हैं

द न्यूज 15 
लखनऊ। भाजपा ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में एक बार फिर से 255 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, लेकिन पिछले चुनावों की तुलना में सीटों की संख्या में गिरावट देखी गई। भाजपा को 41.29 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी को 32.03 फीसदी और बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 12.88 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं।
भले इस उत्तर प्रदेश के इस चुनाव में भाजपा की जीत हुई हो लेकिन कई शीर्ष नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हुआ। कौशांबी के सिराथू विधानसभा सीट से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के खिलाफ समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी के रूप में अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल (Pallavi Patel) ने सिराथू केशव प्रसाद मौर्य को 7,337 मतों के अंतर से हरा दिया।
पल्लवी पटेल केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन हैं, हालांकि इनके बीच काफी समय से विवाद रहा है। नामांकन के दौरान पल्लवी पटेल ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है, जिसमें उन्होंने कुल संपत्ति 3.35 करोड़ घोषित की है। हलफनामे के मुताबिक, सपा नेता के ऊपर बैंक का 8.87 लाख रूपए का लोन है।
पल्लवी पटेल के पास चल संपत्ति के रूप में 55 लाख रूपए हैं और उनके पति के पास चल संपत्ति के रुप में 18 लाख रुपए हैं। पल्लवी पटेल के पास कुल 2.3 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। इसके अलावा, उनके पति के पास अचल संपत्ति के रूप में 31 लाख रूपए हैं। पल्लवी के ऊपर कोई भी केस नहीं है।पल्लवी के पास दर्शनशास्त्र की डिग्री है। चुनावी हलफनामे में पल्लवी पटेल ने अपनी आमदनी का स्रोत व्यवसाय को बताया है।
पल्लवी पटेल के पिता डॉ. सोनेवाल पटेल ने अपना दल नाम की पार्टी बनाई थी। इसी पार्टी को लेकर अनुप्रिया पटेल और उनकी बहन पल्लवी के बीच विवाद चल रहा है। इस विवाद के बाद इन्होंने अपना दल कमरेवादी नामक मोर्चा बनाया, जो सपा के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव मैदान में है। अपना दल कमरेवादी की अध्यक्ष इनकी मां कृष्णा पटेल हैं।
भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी के प्रमुख डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने मंगलवार को राजवन सिंह पटेल को लखनऊ में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई। राजवन के भाजपा में शामिल होने को अपना दल (के) के साथ-साथ सपा गठबंधन के लिए भी बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

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