जंतर-मंतर पर पुलिसवालों के नेम टैग क्यों गायब? CPI सांसद ने अमित शाह को लिखा लेटर!

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेम टैग नजर नहीं आने से सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप लगाया गया कि क्या प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को अपनी पहचान छिपाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस तरह के किसी आदेश से साफ इनकार किया है।

मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। CPI के राज्यसभा सांसद पी. संदोश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की शिकायत की। उन्होंने पुलिस पर कथित बल प्रयोग, मनमाने तरीके से हिरासत में लेने और पुलिसकर्मियों के नेम बैज हटाए जाने का आरोप लगाया।

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

 

सांसद ने अपने लेटर में सुप्रीम कोर्ट के डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल सरकार मामले में दिए गए निर्देशों का भी हवाला दिया। इन निर्देशों के तहत गिरफ्तारी या हिरासत की कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट और आसानी से दिखाई देने वाली होनी चाहिए। कुमार ने दिल्ली पुलिस के अपने नियम का जिक्र करते हुए कहा कि नागरिकों के खिलाफ राज्य की ताकत का इस्तेमाल होने पर जवाबदेही तय करने के लिए पुलिसकर्मी की पहचान बेहद अहम है। पी. संदोश कुमार खुद भी 2 अक्टूबर को पार्टी कार्यकर्ताओं और दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिए गए थे।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

 

नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए नेम टैग पहनना अनिवार्य है। उन्होंने सफाई दी कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई में कुछ पुलिसकर्मियों के बैज टूटकर गिर गए होंगे। पुलिस की ओर से नेम टैग हटाने या नहीं लगाने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।

 

दिल्ली पुलिस के नियम में क्या है?

 

दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर 51 के मुताबिक, पुलिसकर्मियों की वर्दी पर द्विभाषी प्लास्टिक नेम प्लेट लगाना जरूरी है। निर्धारित नेम प्लेट में काले बैकग्राउंड पर सफेद अक्षरों में पुलिसकर्मी का नाम और पहचान संबंधी जानकारी होती है।

SIR को लेकर जारी है सियासी घमासान

 

पुलिस के नेम टैग को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं।

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