सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से मिलने की रणनीति बना रहे आज़ाद समाज पार्टी के मुखिया
चरण सिंह
अगले साल होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगभग सभी दल जुट गए हैं। बीजेपी की ओर से सीएम योगी ने अभी हाल में जातीय समीकरण साधने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार किया है तो सपा के मुखिया अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव भी पीडीए के दम लड़ने जा रहे हैं। बसपा मुखिया दलित मुस्लिम के साथ ही सवर्णों पर डोरे डाल रही हैं। आज़ाद समाज पार्टी के मुखिया 2 जून से सत्ता परिवर्तन यात्रा निकालने जा रहे हैं। चंद्रशेखर आज़ाद 2 जून सत्ता परिवर्तन यात्रा निकालने का ऐलान कर सपा मुखिया अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
यात्रा भले ही बीजेपी सरकार के खिलाफ हो पर नुक़सान सपा को होने जा रहा है। चंद्रशेखर की यह यात्रा सभी 403 विधानसभा क्षेत्र से होती जाएगी। चंद्रशेखर आज़ाद की रणनीति लोगों से घर घर जाकर मिलने की है। तपती गर्मी में यदि चंद्रशेखर आज़ाद यह यात्रा निकाल ले गए तो न केवल सपा बल्कि बीएसपी और कांग्रेस को भी नुकसान पहुंचानेंगे।
दरअसल समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने अखिलेश यादव से चंद्रशेखर आज़ाद से बात करने के लिए बोला था जिस पर अखिलेश यादव ने कोई गौर नहीं की। लोकसभा चुनाव में भी यही हुआ था। पहले अखिलेश यादव ने नगीना सीट चंद्रशेखर आज़ाद के लिए छोड़ने की बात की थी पर ऐन मौके पर अखिलेश यादव ने सपा के सिम्बल पर चुनाव लड़ने के लिए बोल दिया। चंद्रशेखर अपने आज़ाद समाज पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते थे। मजबूरन उन्हें अपने दम पर आज़ाद समाज पार्टी से चुनाव लड़ना पड़ा और नगीना से अपने दम सांसद बने।
अब फिर अखिलेश यादव ने चंद्रशेखर को हलके में लिया है। अखिलेश यादव को समझना चाहिए कि सबसे अधिक नुकसान चंद्रशेखर अखिलेश यादव को ही पहुंचाएंगे। चंद्रशेखर आज़ाद ने अपना संगठन मंडल और बूथ स्तर पर बना लिया है। अखिलेश यादव तो मुख्य विपक्षी पार्टी होने के बावजूद आंदोलनों से दूरी बनाकर चल रहे हैं। पर चंद्रशेखर आज़ाद समय समय पर आंदोलन करते रहते हैं। जो परिवर्तन यात्रा अखिलेश यादव को निकालनी चाहिए थी वह यात्रा चंद्रशेखर आज़ाद निकाल रहे हैं। सपा ही नहीं चंद्रशेखर आज़ाद बीएसपी को भी नुकसान पहुंचाएंगे। दलित वोटबैंक तेजी से चंद्रशेखर आज़ाद की ओर जा रहा है। दरअसल चंद्रशेखर आज़ाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय के मॉडल से प्रभावित हैं। वह अपने दम पर सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
जब पत्रकारों ने चंद्रशेखर आज़ाद की 2 जून की परिवर्तन यात्रा से विपक्ष को नुकसान होने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि विपक्ष है कहां कांग्रेस सपा के खिलाफ लड़ रही है तो सपा कांग्रेस के खिलाफ, ऐसे ही आप और कांग्रेस भी कई प्रदेशों में आमने सामने हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई दल बीजेपी को हराने के लिए मुझसे से मदद चाहता है तो उसे मुझसे मिलना होगा। चंद्रशेखर आज़ाद की पदयात्रा बीएसपी कॉर्डिनेटर आकाश आनंद का राजनीतिक भविष्य प्रभावित करेगी। वैसे भी लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने पर मायावती ने उनको खेलने का मौका नहीं दिया है।








