युद्ध होने की स्थिति में दो दिन में ही मजबूर हो जाएगा घुटने टेकने को !
आर्थिक रूप से मजबूत होने को भारी मात्रा में यूक्रेन को बेच चुका हथियार
सैन्य कमजोरी:
पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की उत्पादन क्षमता सीमित होने के कारण हथियारों की कमी को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। भारत के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की सेना की तैयारी बेहद कमजोर मानी जा रही है।
आर्थिक संकट:
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, चीन और तुर्की को छोड़कर कोई अन्य देश पाकिस्तान को हथियार या गोला-बारूद सप्लाई करने को तैयार नहीं है, और ये दोनों देश भी सीमित सहायता दे पा रहे हैं।
भू-राजनीतिक प्रभाव:
यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने के दावों को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने खारिज किया है, लेकिन रूस और यूक्रेन दोनों ने इसकी पुष्टि की है। इससे पाकिस्तान की तटस्थता पर सवाल उठे हैं। रूस के साथ संबंधों में तनाव की आशंका बढ़ी है, क्योंकि रूस ने पाकिस्तान पर यूक्रेन को हथियार देने का आरोप लगाया है।
तुर्की और चीन के साथ पाकिस्तान के रक्षा सहयोग बढ़ रहे हैं, लेकिन यह भारत के साथ तनाव को और गहरा सकता है।
आंतरिक और सामरिक चुनौतियां
दरअसल पाकिस्तान ने भारत-पाक सीमा पर गोला-बारूद डिपो बनाए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे संघर्ष में भारत से निपटने के लिए उसके पास न तो पर्याप्त हथियार हैं और न ही आर्थिक ताकत। पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी इस कमी को स्वीकार किया था।






