युद्ध होने की स्थिति में दो दिन में ही मजबूर हो जाएगा घुटने टेकने को !
आर्थिक रूप से मजबूत होने को भारी मात्रा में यूक्रेन को बेच चुका हथियार
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत में युद्ध के आसार हैं। भारत आतंकी हमले का बदला लेने के लिए कभी भी पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। ऐसे में देखना यह होगा कि युद्ध होने की स्थिति में पाकिस्तान कितने दिन युद्ध में टिक पाएगा। भले ही चीन पाकिस्तान का साथ देने की बात कर रहा हो पर पाकिस्तान की सैन्य स्थिति बहुत कमजोर है। दरअसल जानकारी यह मिल रही है कि पाकिस्तान ने यूक्रेन को भारी मात्रा में गोला बारूद और हथियार बेच दिए हैं।
सैन्य कमजोरी:
यूक्रेन को भारी गोला-बारूद और हथियार बेचने के बाद अब पाकिस्तान की सैन्य ताकत प्रभावित हुई है। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान के पास अब केवल 3-4 दिन की जंग लड़ने लायक गोला-बारूद बचा है।
पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की उत्पादन क्षमता सीमित होने के कारण हथियारों की कमी को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। भारत के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की सेना की तैयारी बेहद कमजोर मानी जा रही है।
पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की उत्पादन क्षमता सीमित होने के कारण हथियारों की कमी को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। भारत के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की सेना की तैयारी बेहद कमजोर मानी जा रही है।
आर्थिक संकट:
जानकारी के अनुसार यूक्रेन को हथियार बेचकर पाकिस्तान ने कुछ विदेशी मुद्रा अर्जित की, लेकिन यह उसकी आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। देश गंभीर नकदी संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण सेना के लिए ईंधन और अन्य संसाधनों की कमी हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, चीन और तुर्की को छोड़कर कोई अन्य देश पाकिस्तान को हथियार या गोला-बारूद सप्लाई करने को तैयार नहीं है, और ये दोनों देश भी सीमित सहायता दे पा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, चीन और तुर्की को छोड़कर कोई अन्य देश पाकिस्तान को हथियार या गोला-बारूद सप्लाई करने को तैयार नहीं है, और ये दोनों देश भी सीमित सहायता दे पा रहे हैं।
भू-राजनीतिक प्रभाव:
यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने के दावों को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने खारिज किया है, लेकिन रूस और यूक्रेन दोनों ने इसकी पुष्टि की है। इससे पाकिस्तान की तटस्थता पर सवाल उठे हैं। रूस के साथ संबंधों में तनाव की आशंका बढ़ी है, क्योंकि रूस ने पाकिस्तान पर यूक्रेन को हथियार देने का आरोप लगाया है।
तुर्की और चीन के साथ पाकिस्तान के रक्षा सहयोग बढ़ रहे हैं, लेकिन यह भारत के साथ तनाव को और गहरा सकता है।
आंतरिक और सामरिक चुनौतियां
दरअसल पाकिस्तान ने भारत-पाक सीमा पर गोला-बारूद डिपो बनाए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे संघर्ष में भारत से निपटने के लिए उसके पास न तो पर्याप्त हथियार हैं और न ही आर्थिक ताकत। पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी इस कमी को स्वीकार किया था।
यूक्रेन को हथियार बेचकर पाकिस्तान ने अल्पकालिक आर्थिक लाभ तो प्राप्त किया, लेकिन इससे उसकी सैन्य और रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। गोला-बारूद की कमी, आर्थिक संकट, और सीमित अंतरराष्ट्रीय समर्थन के कारण पाकिस्तान की रक्षा तैयारियाँ गंभीर रूप से प्रभावित हैं। भारत के साथ तनाव बढ़ने की स्थिति में यह कमजोरी और स्पष्ट हो सकती है। (समाचार स्रोतों और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित)

