जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 40 से अधिक राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को पत्र लिखा है। उन्होंने मौजूदा संसद सत्र में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए विधेयक लाने हेतु केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का आह्वान किया।
अब्दुल्ला ने इस मांग को रियायत के बजाय एक आवश्यक सुधारात्मक कदम बताया, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था, जिसे प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से सौंपा गया था। यह पत्र 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित किए जाने की छठी वर्षगांठ के मौके पर लिखा गया।







