- अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया, जहां उन पर ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोप लगे।
- इसके बाद मचाडो सत्ता की दावेदार बनकर उभरीं और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन किया।
- पहले ही मचाडो ने अपना नोबेल पुरस्कार ट्रंप को समर्पित किया था (2025 में पुरस्कार मिलने पर), क्योंकि ट्रंप ने वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली और मादुरो पर दबाव बनाने में मदद की।
- अब नया बड़ा वादा: फॉक्स न्यूज इंटरव्यू में मचाडो ने कहा कि वे अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को देना या साझा करना चाहती हैं, क्योंकि यह वेनेजुएला के लोगों का पुरस्कार है और ट्रंप इसके हकदार हैं। उन्होंने इसे ट्रंप को खुश करने और उनके समर्थन को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, ट्रंप ने मचाडो को सत्ता के लिए उपयुक्त नहीं माना और कहा कि उनके पास देश में पर्याप्त समर्थन नहीं है। इसके बजाय ट्रंप मादुरो की पूर्व उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ काम करने की बात कर रहे हैं, जो ट्रंप प्रशासन के साथ सहयोग करने का वादा कर रही हैं।






