नीट पेपर लीक मामला : पटना एम्स से चार मेडिकल छात्र को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

अभिजीत पाण्डेय

पटना। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने कल पटना एम्स के 4 मेडिकल स्टूडेंट्स को भी हिरासत में लिया है। इनमें से तीन थर्ड ईयर के और एक सेकेंड ईयर का छात्र है। सभी से सीबीआई पूछताछ कर रही है।

पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले में एम्स पटना के चार स्नातक छात्रों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए तीन डॉक्टर वर्ष 2021 बैच के मेडिकल स्टूडेंट्स हैं, जबकि एक अन्य वर्ष 2022 का मेडिकल स्टूडेंट्स है। सभी पटना एम्स में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

सीबीआई ने छात्रों के कमरे सील कर दिए हैं और उनके लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। चार छात्रों में से तीन तीसरे वर्ष में हैं जबकि एक दूसरे वर्ष में है। साथ ही तीन बिहार के और एक झारखंड के धनबाद का रहने वाला है। इस घटना की पुष्टि एम्स के डायरेक्टर ने की है। बता दें कि रॉकी को इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने रॉकी को पकड़ने के लिए काफी एडवांस तकनीकों का इस्तेमाल किया। राकेश रंजन उर्फ रॉकी की तलाश पटना, कलकत्ता और पटना के आसपास के दो और ठिकानों पर की जा रही थी।
मेडिकल छात्रों की गिरफ्तारी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र चुराने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद हुई है। आरोपियों की पहचान पंकज कुमार और राजू सिंह के रूप में हुई है, जिन्हें क्रमशः बिहार के पटना और झारखंड के हज़ारीबाग़ से गिरफ्तार किया गया।

पंकज कुमार पेपर लीक माफिया का हिस्सा है और उसने कथित तौर पर राजू की मदद से एनईईटी-यूजी प्रश्न पत्र चुराए थे। अधिकारियों ने बताया कि पटना की एक विशेष अदालत ने बुधवार को पंकज कुमार को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया, जबकि राजू को 10 दिन की हिरासत में भेज दिया गया।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें बिहार के इस मामले के सरगना रॉकी उर्फ ​​राकेश रंजन समेत 13 अन्य आरोपियों की भी हिरासत है।

बिहार में दर्ज प्राथमिकी प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में दर्ज शेष प्राथमिकी अभ्यर्थियों के स्थान पर किसी और के परीक्षा देने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के संदर्भ के आधार पर एजेंसी की अपनी प्राथमिकी, नीट-स्नातक 2024 में कथित अनियमितताओं की ‘व्यापक जांच’ से संबंधित है।

  • Related Posts

    BJP विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठे, बोले- ‘जब तक सम्राट चौधरी…’  

    लौरिया विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनय बिहारी…

    Continue reading
    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    छठ पूजा पर अपने घर बिहार जाने की…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    क्या डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने सनातन धर्म की उस अवधारणा को स्वीकार किया था जिसका दावा रूढ़िवादी हिन्दू करते हैं?

    क्या डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने सनातन धर्म की उस अवधारणा को स्वीकार किया था जिसका दावा रूढ़िवादी हिन्दू करते हैं?

    तो हम संसद अटेंड कर लेते

    तो हम संसद अटेंड कर लेते

    इंडिया गठबंधन मार्च : अखिलेश हिरासत में, UP में सपाइयों ने काटा बवाल

    इंडिया गठबंधन मार्च : अखिलेश हिरासत में, UP में सपाइयों ने काटा बवाल

    पंजाब सीएम के OSD के खिलाफ CBI जांच पर सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कब होगी सुनवाई?

    पंजाब सीएम के OSD के खिलाफ CBI जांच पर सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कब होगी सुनवाई?

    महाराष्ट्र में सूखे का संकट, किसानों का कर्जमाफ, सरकार ने बनाई 12 सदस्यीय कमेटी

    महाराष्ट्र में सूखे का संकट, किसानों का कर्जमाफ, सरकार ने बनाई 12 सदस्यीय कमेटी

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल, MEA- बंद कीजिए

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल, MEA- बंद कीजिए