National Nutrition Month : स्वस्थ-सुपोषित बच्चे होंगे पुरस्कृत

National Nutrition Month : हर आंगनबाड़ी केन्द्र पर होगा 22 सितंबर को स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता का आयोजन, दो अक्टूबर को किया जाएगा रैंकिंग के आधार पर पुरस्कृत

नोएडा । बच्चों के पोषण स्तर में सुधार व पोषण की महत्ता पर जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सितम्बर महीने को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 सितंबर को सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में विजयी बच्चों को रैंकिंग के आधार पर दो अक्टूबर को पुरस्कृत किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया- पांच साल तक के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और पोषण के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जनपद में स्वस्थ बालक बालिका प्रतियोगिता में छह मानक तय किये गये हैं, इन सभी के अलग-अलग अंक निर्धारित किये गये हैं।

इन मानकों के अनुरूप होगा चयन : मासिक वृद्धि निगरानी के लिए पांच अंक मिलेंगे। व्यक्तिगत स्वच्छता के तहत साफ हाथ, नाखून कटे होने, पोषण श्रेणी (ऊंचाई लंबाई के सापेक्ष वजन) जो लगातार सामान्य श्रेणी में हो या गंभीर तीव्र अतिकुपोषित (सैम) से मध्यम गंभीर कुपोषित (मैम) या फिर मैम से सामान्य श्रेणी में आए हों, उसके लिए 10-10 अंक मिलेंगे। इसी प्रकार आहार की स्थिति -शून्य से छह माह तक केवल स्तनपान, छह माह से तीन वर्ष तक प्राप्त होने वाले अनुपूरक पुष्टाहार का नियमित सेवन, तीन से पांच वर्ष के बच्चे (प्राप्त होने वाले अनुपूरक पुष्टाहार) का नियमित सेवन तथा आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थिति के लिए और आयु आधारित टीकाकरण के लिए 10-10 अंक मिलेंगे। जबकि डीवार्मिंग के लिए पांच अंक दिए जाएंगे।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया- दो अक्टूबर को आयोजित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की रैंकिंग- प्रथम, द्वितीय व तृतीय के रूप में की जाएगी। बच्चों के माता-पिता विशेषकर माताओं को प्रमाण पत्र भी दिये जाएंगे। प्रतियोगिता में स्वस्थ पाये गये बच्चों को उनकी रैंकिंग के अनुसार पुरस्कार के रूप में खिलौने दिये जाएंगे।

यह करेंगे पुरस्कार के लिए बच्चों का चयन, ग्राम सभा के प्रतिनिधि, पोषण पंचायत के सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका, एएनएम/ आशा और स्थानीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बच्चों का चयन करेंगे।

प्रतियोगिता का उद्देश्य : पूनम तिवारी ने बताया- स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता का उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना। स्वस्थ बच्चे पर कुपोषित बच्चे की तुलना में ज्यादा ध्यान देना। समुदाय को बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण को भावनात्मक स्तर से जोड़ना तथा स्वास्थ्य एवं पोषण के बारे में जागरूक करना। समुदाय में अभिभावकों के मध्य अपने बच्चे को स्वस्थ एवं सुपोषित रखने के लिए प्रति स्पर्धात्मक माहौल तैयार करना। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार की सेवाओं को प्राप्त वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि लाना। बच्चों की वृद्धि एवं विकास की निरंतर निगरानी करते हुए समय से कुपोषण की पहचान करना और कुपोषण को दूर करना प्रतियोगिता का उद्देश्य है।

  • Related Posts

    लड़ते रहिए जाति और धर्म के नाम, मरने की व्यवस्था कर दी है धंधेबाज लोगों ने!
    • TN15TN15
    • August 26, 2026

      दिल्ली में महंगी एंटी-कैंसर दवाओं की कालाबाजारी…

    Continue reading
    इस पत्रकार ने तो नितिन गडकरी के इथेनॉल ब्लेंडिंग की कलई ही खोल दी!
    • TN15TN15
    • June 30, 2026

      विवेक कुमार- छोटे से गांव बिरनीहाट के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लखनऊ एयरपोर्ट पर पहली बार में लैंड नहीं कर पाया एयर इंडिया का विमान, राहुल गांधी भी सवार

    लखनऊ एयरपोर्ट पर पहली बार में लैंड नहीं कर पाया एयर इंडिया का विमान, राहुल गांधी भी सवार

    मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम स्थल से पुलिस ने 2 को दबोचा, मिली बंदूक

    मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम स्थल से पुलिस ने 2 को दबोचा, मिली बंदूक

    किसान संघर्ष समिति की मासिक बैठक संपन्न

    किसान संघर्ष समिति की मासिक बैठक संपन्न

    संयुक्त किसान मोर्चा ने बेटी कल्पना मिश्र को न्याय दिलाने आंदोलन का किया समर्थन

    संयुक्त किसान मोर्चा ने बेटी कल्पना मिश्र को न्याय दिलाने आंदोलन का किया समर्थन

    9 सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल

    9 सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल

    निशान

    निशान