यह खबर IIM नागपुर (Indian Institute of Management Nagpur) से जुड़ी हुई है, जो हाल ही में वायरल हुई है। फरवरी 2026 में यहां एक बड़ा विवाद सामने आया, जिसमें लगभग 40 पहले साल के MBA छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई, जिसके विरोध में करीब 300 छात्रों ने मिड-टर्म परीक्षाएं छोड़ दीं (boycott कीं)।
क्या हुआ था?
घटना की शुरुआत 21 फरवरी 2026 की रात से हुई, जब कुछ छात्र (करीब 75 के आसपास) कैंपस के बाहर एक फेयरवेल पार्टी या ओवरनाइट इवेंट में शामिल हुए और रात भर बाहर रहे।
इंस्टीट्यूट के नियमों के अनुसार, छात्रों को कैंपस से बाहर रात गुजारने की अनुमति नहीं थी (या बिना परमिशन के ऐसा किया)।
प्रशासन ने जांच के बाद 40+ पहले साल के छात्रों को 24 और 25 फरवरी 2026 की मिड-टर्म परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया (debarred/barred)। उन्हें एक ईमेल भी भेजा गया जिसमें लिखा था: “IIMN MBA Barred from appearing in Mid Term Examinations 24th and 25th Feb 2026.”
इस कार्रवाई की खबर फैलते ही छात्रों में रोष फैल गया। पहले और दूसरे साल के लगभग 400 छात्र डायरेक्टर के ऑफिस के बाहर जमा हुए।
उन्होंने एकजुट होकर सॉलिडैरिटी दिखाते हुए परीक्षाएं बॉयकॉट करने का फैसला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 300 छात्रों ने परीक्षा नहीं दी।
यह मामला क्यों बड़ा है?
IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों का ऐसा सामूहिक विरोध (rare show of solidarity) बहुत कम देखने को मिलता है।
यह छात्रों के बीच एकता, इंस्टीट्यूट के सख्त नियमों (जैसे कैंपस कर्फ्यू या ओवरनाइट परमिशन) और प्रशासनिक फैसलों पर सवाल उठाता है।
खबर Times of India, Indian Express, National Herald India जैसी प्रमुख मीडिया में छपी है, और सोशल मीडिया (X/Twitter) पर भी ट्रेंड कर रही है।
अभी तक इंस्टीट्यूट की ओर से कोई आधिकारिक बयान या समाधान की खबर नहीं आई है (24-25 फरवरी 2026 की घटना होने के कारण यह ताजा है)। छात्रों की मांग शायद उन 40 साथियों पर कार्रवाई वापस लेने या परीक्षा में बैठने की अनुमति की हो सकती है।








