पंजाब के मोहाली में 15 दिसंबर 2025 को हुए कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया (30 वर्ष) की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आज (17 दिसंबर 2025) मोहाली के लालड़ू क्षेत्र में हत्या की साजिश रचने वाले एक प्रमुख गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ मिद्दू (तरण तारन निवासी) के साथ पुलिस का एनकाउंटर हो गया। गैंगस्टर को गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पीछा करने के दौरान दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए।
एनकाउंटर की पूरी जानकारी
स्थान और घटना का विवरण: एनकाउंटर मोहाली के लालड़ू इलाके में हुआ। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मिद्दू क्षेत्र में छिपा हुआ है। पीछा करने के दौरान गैंगस्टर ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। यह हत्या की साजिश से जुड़ा मामला है, लेकिन मिद्दू शूटर्स में से एक नहीं था। वह मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था और हत्या को अंजाम देने में सहयोगी भूमिका निभा रहा था।
गैंगस्टर का बैकग्राउंड: हरप्रीत सिंह उर्फ मिद्दू तरण तारन का निवासी है। वह बंबीहा गैंग से जुड़ा हुआ है, जो लकी पटियाल और डोनी बल के नेतृत्व में सक्रिय है। इस गैंग पर कबड्डी टूर्नामेंट्स पर दबदबा कायम करने का आरोप है।
चोटें:
गैंगस्टर मिद्दू को गोली लगने से गंभीर चोटें आईं, उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
दो पुलिसकर्मी (नामों का उल्लेख नहीं) पीछा के दौरान गोलीबारी में घायल हुए, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हथियार: गोलीबारी में इस्तेमाल हथियारों का स्पष्ट उल्लेख नहीं, लेकिन पुलिस ने कहा कि यह क्रॉस-फायरिंग थी।
हत्या का पूरा मामला (संक्षिप्त पृष्ठभूमि)
घटना: 15 दिसंबर को सोहाना (सेक्टर 79) के दशहरा ग्राउंड पर बैदवान स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान राणा बलाचौरिया पर बाइक सवार दो हमलावरों ने हमला किया। हमलावरों ने सेल्फी लेने के बहाने उन्हें अलग खींचा और सिर व चेहरे पर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से 4-5 गोलियां मार दीं। राणा को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य व्यक्ति जगप्रीत सिंह भी पेलेट्स से घायल हुआ।
शूटर्स की पहचान: पुलिस ने दो मुख्य शूटर्स की पहचान कर ली है – आदित्य कपूर उर्फ मक्खन (अमृतसर निवासी, 13 आपराधिक मामले दर्ज) और करन पाठक उर्फ डिफॉल्टर करन (अमृतसर निवासी, 2 मामले दर्ज)। दोनों लकी पटियाल गैंग से जुड़े हैं। तीसरा संदिग्ध भी इसी गैंग का है।
मकसद: पुलिस के अनुसार, हत्या कबड्डी आयोजनों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए की गई। राणा को जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का करीबी माना जाता था, जिससे बंबीहा गैंग को खतरा महसूस हो रहा था। हालांकि, गैंग ने सोशल मीडिया पर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का बदला बताकर जिम्मेदारी ली, लेकिन पुलिस ने इसे खारिज किया।








