निर्णायक संघर्ष की तैयारी करें किसान : डॉ. सुनीलम
फेस्टिवल ऑफ अल्टरनेटिव्स, पनवेल और जनांदोलनों के राष्ट्रीय सम्मेलन, लखनऊ में भाग लेंगे किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी
3 अक्टूबर को देशभर में मनाया जाएगा शहीद किसान दिवस
किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 3 अक्टूबर को देशभर में लखीमपुर खीरी (तिकुनिया) के शहीद 4 किसानों और एक पत्रकार की स्मृति में शहीद दिवस मनाने, प्रदेशों में होने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के सम्मेलनों में भागीदारी करने, 26 नवंबर से लगने वाले पक्के मोर्चे में भागीदारी करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में 2 से 4 अक्टूबर को तारा, पनवेल में फेस्टिवल ऑफ अल्टरनेटिव्स, (मुंबई के पास ) में 15 पदाधिकारी तथा 10,11 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली जनांदोलनों के राष्ट्रीय सम्मेलन में 10 पदाधिकारियों के शामिल होने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव एड शिव सिंह के चचेरे भाई राजू सिंह के आकस्मिक निधन एवं रीवा सम्भागीय सचिव एड पुष्पेंद्र के पिता अमोल सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो सुशीला ताई मोराळे, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ लोकेश भिवानी, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष जबरसिंह वर्मा, मप्र अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखू, प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम काकोड़िया, मालवा निमाड़ क्षेत्र संयोजक रामस्वरूप मंत्री, प्रदेश सचिव सज्जे चंद्रवंशी, एड विश्वजीत रतौनिया, शत्रुघ्न यादव, रामकुमार सनोडिया,
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश जैन, विकास संदीप ठाकुर, अलीराजपुर संयोजक नवनीत मंडलोई, सीधी- सिंगरौली क्षेत्र संयोजक निसार आलम अंसारी,
सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विजय बिजोलिया,
रीवा जिला अध्यक्ष फौजी यदुवंश प्रताप सिंह, सिवनी जिला अध्यक्ष पवन सनोडिया, सिंगरौली जिला अध्यक्ष एड अशोक सिंह पैगाम, सीधी जिला अध्यक्ष ध्रुव तिवारी, त्योंथर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष पटेल, गौतम, श्रीपटले, सेमरिया ब्लॉक से प्रगति सिंह, छिंदवाड़ा से कुंजबिहारी यदुवंशी, दादूराम वर्मा, अरविन्द उइके, रामेश्वर यादव, बैतूल से आमला तहसील अध्यक्ष दिनेश यदुवंशी, मुलताई से कार्यालय सचिव भागवत परिहार आदि उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि किसान संघर्ष समिति छिंदवाड़ा, सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण को लेकर तथा मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा के चौसरा न्यूक्लियर पावर प्लांट सहित अन्य न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में संघर्षरत है।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्णायक संघर्ष की तैयारी करें ताकि एमएसपी की कानूनी गारंटी और संपूर्ण कर्जा मुक्ति को लेकर सरकार को निर्णय लेने के लिए बाध्य किया जा सके।
प्रो सुशीला ताई मोराळे ने कहा कि 2025 में महाराष्ट्र के 9 ज़िले में अतिवृष्टि हुई जिसमें फसल के साथ मिट्टी भी बह गई, 66,000 किसान प्रभावित हुए थे। 26 अप्रैल 2026 को सरकार ने एक सरकारी आदेश (GR) जारी करके बीड ज़िले के किसानों के लिए ₹3 करोड़ 6 हज़ार मंजूर किए, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण किया, ₹17,500 प्रति हेक्टेयर फसल बीमा मुआवज़े का वादा किया लेकिन किसान अभी भी भुगतान का इंतज़ार कर रहे हैं।
एड आराधना भार्गव ने कहा कि छिंदवाड़ा के किसान परमाणु संयंत्र परियोजना का पूरजोर विरोध कर रहे हैं, किसी भी हाल में परमाणु संयंत्र नही लगने दिया जाएगा।
इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष भावांतरण योजना के तहत धान खरीदी गई थी जिसमें भारी अनियमितता सामने आई थी इसलिए किसान भावांतरण योजना से एम एस पी पर धान खरीदी नहीं करने की मांग कर रहे हैं।
यदुवंश प्रताप सिंह ने कहा कि सोसाइटियों के शेयर धारक – खाताधारक किसानों को सोसाइटियों से ही टोकन बुक करके खाद दिया जाना चाहिए जिससे किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध हो सके।
एड अशोक सिंह पैगाम ने कहा कि सिंगरौली में 90 प्रतिशत निवासी आदिवासी होने के बावजूद पेसा कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। आदिवासियों को जबरन खदेड़कर सरकार द्वारा उनके जल-जंगल- जमीन पर कार्पोरेट का कब्जा कराया जा रहा है।
अलीराजपुर जिले के संयोजक नवनीत मंडलोई ने कहा कि जोबट विधानसभा क्षेत्र के 20 से अधिक आदिवासी बहुल गांवों में सीएल खनिज ब्लॉक के नाम पर खनिज उत्खनन के लिए विभिन्न कंपनियों को आवंटन की प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है।
इन क्षेत्रों में ग्रेफाइट, चूना पत्थर, मैगनीज और सोना सहित विभिन्न खनिजों के उत्खनन के लिए प्री-ऑक्शन एवं खनिज उत्खनन संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसके खिलाफ किसान संगठनों द्वारा आपत्ति दर्ज की गई थी। किसान संगठनों की आपत्तियों पर अलीराजपुर कलेक्टर द्वारा आश्वासन दिया गया कि किसी भी आदिवासी अथवा किसान की निजी भूमि उनकी अनुमति के बिना अधिग्रहित नहीं की जाएगी।







