राजगीर के कई गली मोहल्ले हैं संकरे, जरूरत पड़ने पर नहीं पहुंच सकती दमकल गाड़ियां

शहर के बाजारों में लगी आग तो हो सकता है, जान माल का भारी नुकसान

 

राम विलास
राजगीर। गर्मी का मौसम और तेज पछुआ हवा के कारण जंगल से लेकर गांव तक अगलगी की घटनाएं हो रही है। हालांकि अग्निशमन विभाग और अनुमंडल प्रशासन की ओर से आग से बचाव को लेकर शहर से गांव तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन जागरूकता और जानकारी के बावजूद राजगीर और इसके आसपास के इलाकों में अगलगी की घटनाएं हो रही है।

जहां तहां गेहूँ के डंठल जलाने से भी अगलगी की घटनाएं हो रही है। डीएम के आदेश के बाद भी कृषि विभाग के पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण गेहूँ के डंठल में आग लगाने पर रोक नहीं लगाई जा रही है। फलस्वरूप अगलगी की हो रही घटनाओं से काफी नुकसान हो रहा है। पर्यटक शहर राजगीर की सड़कें और गलियां तंग तथा सकरी है।

तंग गलियों और सड़कों में व्यावसायिक सामग्रियों का भंडारण और आवासीय क्षेत्र होने के कारण हजारों लोग निवास कर रहे हैं। इसके अलावे प्रतिदिन हजारों की संख्या में ग्रामीण यहां के बाजारों और दुकानों में खरीदारी व अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। जिस प्रकार अगलगी की घटनाएं हो रही है। यह देख सुनकर शहर के लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं।

अगर वैसी घटनाएं शहरी क्षेत्र के बाजारों में हो गई तो अग्निशमन विभाग को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। शहर का तुलसी गली हो या शिव गली, शिव स्थान हो या उपाध्याय, पंचवटी नगर हो या गुलजार बाग सभी जगह पर सघन आबादी रहती है। आग लगने की घटना पर यह आबादी खतरे में पड़ सकती है। राजगीर बाजार पुरानी है।

इसके कारण यहां के घरों की बनावट भी पुरानी ही है। सकरी होने के कारण अनेकों गालियां और सड़के ऐसी हैं, जिसमें बाइक के अलावा दूसरी गाड़ी नहीं जा सकती है। बहुत से लोग तो घरों के आगे ही दुकान खोल रखें हैं। लोग गली और सड़क की चौड़ाई कम होने के बाद भी घर के आगे स्वरोजगार कर लोग रोजी-रोटी का जुगाड़ कर रहे हैं।

जानकार बताते हैं कि जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे सड़क और गलियां भी उतनी ही सकरी होती जा रही है। अब तो आलम यह है कि सड़क और गलियों में बाइक से ही चलना मुश्किल हो रहा है। चार पहिया वाहन घुसते ही जाम लग जाता है। आग लगने पर इस तरह के क्षेत्रों में दमकल कैसे घुसेगा।

इस पर आज तक किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा है। शहर में पूर्व में हुई अगलगी कि कुछ घटनाओं में ऐसा देखा गया है कि आग पर काबू पाने के लिए आम लोगों के साथ-साथ अग्निशमन दस्ता को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी है।

— शहर के पुराने मुहल्लों में नियमों की अनदेखी

राजगीर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक शहर है। इसकी वैश्विक पहचान है। देश- दुनिया के सैलानी हर दिन हजारों की संख्या में यहां पर्यटन के लिए आते हैं। यहां के अधिकांश मोहल्लों की गलियां और सड़के तंग व सकरी हैं। यहां शहरी नियमों की अनदेखी हाउस होल्डरों और नगर परिषद द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही है।

बिना नक्शा पास कराये ही सैकड़ों मकान का निर्माण कराया गया है। तुलसी गली, उपाध्याय टोला, शिव स्थान कॉलोनी, धोबी टोला, गुलजारबाग, अजातशत्रु नगर, बड़ी मिल्की, पंचवटी नगर, महादेवपुर आदि ऐसे टोले- मोहल्ले हैं, जहां हजारों की तादाद में लोग निवास करते हैं. यहां अगलगी की घटनाओं के बाद दमकल को आने में तो परेशानी होगी ही स्थानीय लोगों को भी काफी दिक्कत होगी। और नुकसान भी काफी ज्यादा हो सकते हैं, इनकार नहीं किया जा सकता है।

— तंग गलियों और सकरी सड़क वाले क्षेत्र में होती है परेशानी

अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रवीन्द्र राम कहना है कि मेन रोड सहित अन्य जगह में आग लगने पर अग्निशमन दल द्वारा हर संभव उसे बुझाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन सकरी गलियों व सड़कों के चलते कहीं परेशानी होती है। इसके लिए लोगों को भी सजग रहना होगा।

अगर किसी गली में आग लग जाती है तो इसके लिए 1200 फुट पाइप से काम किया जाता है। लेकिन दूर होने के कारण पानी का फोर्स कमजोर हो जाता है। वहीं अगर घटना स्थल तक पाइप ले जाने की व्यवस्था नहीं होती है, तो परेशानी बढ़ जाती है।

— समय रहते नगर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए

शहर में सड़क किनारे दुकानें लगती रही है। इससे सड़क जाम की समस्या बनी रहती है। लेकिन इस पर नगर प्रशासन द्वारा कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता है।

नगर शासन और प्रशासन को समय रहते ध्यान देना चाहिए। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

इसके लिए नगर प्रशासन को सड़क पर दुकानों का सामान लगाये जाने पर प्रतिबंध लगाकर सड़क का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर सड़क जाम की स्थिति बनी रहेगी। इससे कभी भी जान माल की भारी क्षति हो सकती है।

इस मामले को लेकर वार्ड पार्षदों से लेकर स्थानीय लोगों को भी जागरूक होना होगा, तभी समस्या का समाधान संभव है।

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