कृष्णा नगर कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक भूचाल :  गुरचरण सिंह राजू के निष्कासन के विरोध में इस्तीफों की झड़ी कांग्रेस नेताओं ने फैसले को बताया ‘तानाशाही’

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कृष्णा नगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री गुरुचरण सिंह राजू को कांग्रेस पार्टी से अचानक निष्कासित कर दिया गया। इस फैसले के विरोध में कृष्णा नगर जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष श्री अश्वनी कपूर और गीता कॉलोनी कांग्रेस के लोकप्रिय अध्यक्ष श्री जुगल किशोर ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया।

 

 

इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा लिए गए इस फैसले को अन्यायपूर्ण और तानाशाही करार देते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस निर्णय को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे समय में जब संगठन को एकजुटता और मजबूती की आवश्यकता है, तब ऐसे जमीनी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाना कांग्रेस के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर रहा है।

 

राजू जी का निष्कासन बताया गया तुगलकी फैसला

 

श्री अश्वनी कपूर और श्री जुगल किशोर ने कहा कि श्री गुरुचरण सिंह राजू जी का कांग्रेस पार्टी में योगदान अतुलनीय है। वह बीते चार दशकों से कांग्रेस संगठन की सेवा में जुटे हैं। उनका परिवार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है और आज भी यमुना पार के कोने-कोने में कांग्रेस को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।

इन नेताओं का कहना है कि जहां राहुल गांधी देश के हर कोने में कांग्रेस की जड़ों को सींचने के लिए ‘भारत जोड़ो यात्रा’, ‘न्याय यात्रा’ जैसी पहल करके मेहनत कर रहे हैं, वहीं दिल्ली में प्रदेश नेतृत्व ऐसे कर्मठ और लोकप्रिय नेता को बिना किसी ठोस कारण के पार्टी से बाहर कर रहा है। इससे कांग्रेस की छवि को गहरा आघात लगा है।

‘राजू जी के निष्कासन से यमुना पार में कांग्रेस होगी खत्म’

इन नेताओं ने चिंता व्यक्त की कि यमुना पार क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी का संगठन श्री राजू जी के नेतृत्व में ही सक्रिय रहा है। कांग्रेस की हर गतिविधि, जनकल्याण कार्यक्रम और जनसंवाद में राजू जी सबसे आगे रहते थे। उनका निष्कासन यमुना पार में कांग्रेस की जड़ों को कमजोर कर देगा और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बुरी तरह टूटेगा।

 

सिख समाज में भी है राजू जी की गहरी पकड़

 

श्री अश्वनी कपूर और श्री जुगल किशोर ने यह भी कहा कि राजू जी दिल्ली के सिख समाज में भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। वह क्षेत्र के हज़ारों परिवारों के सुख-दुख में भागीदार रहे हैं और हमेशा जनता की निस्वार्थ सेवा करते रहे हैं। कांग्रेस जैसी समावेशी पार्टी को ऐसे नेता को बाहर करने से पहले दस बार सोचना चाहिए था।

 

AICC से की निष्कासन रद्द करने की अपील

 

इन नेताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता श्री राहुल गांधी और एआईसीसी अनुशासन समिति के चेयरमैन श्री तारिक अनवर से अपील की है कि इस अन्यायपूर्ण निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित नेताओं की पार्टी में वापसी से ही दिल्ली में कांग्रेस दोबारा सशक्त बन सकेगी।

नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर राजू जी को वापस नहीं लाया गया तो यमुना पार में सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी से मोहभंग कर सकते हैं, जिसका खामियाजा कांग्रेस को आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
“हम पार्टी के सच्चे सिपाही हैं लेकिन पार्टी में सच्चे सिपाहियों का ऐसा अपमान हमें मंजूर नहीं। जब तक राजू जी का निष्कासन रद्द नहीं किया जाएगा, हम अपने पदों पर नहीं लौटेंगे।”

  • Related Posts

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, SIR…

    Continue reading
    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    ग्रेटर नोएडा । आज सेक्टर-144 स्थित पेमे चौहान…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    विपक्षी सांसदों का अब राजघाट तक मार्च 

    विपक्षी सांसदों का अब राजघाट तक मार्च 

    नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, यूं दी अंतिम श्रद्धांजलि

    नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, यूं दी अंतिम श्रद्धांजलि

    गांव की मिट्टी में रमे थे नाना पाटेकर, जन्मभूमि से थी अंतिम विदाई की इच्छा! 

    गांव की मिट्टी में रमे थे नाना पाटेकर, जन्मभूमि से थी अंतिम विदाई की इच्छा! 

    अपने गांव से अंतिम विदाई चाहते थे नाना पाटेकर! 

    अपने गांव से अंतिम विदाई चाहते थे नाना पाटेकर!