महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र में 13 दिन पहले हुए वृद्ध तांत्रिक के अंधे कत्ल का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी लखन साहू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार गड़ासा (बांका) और मोबाइल फोन बरामद किया है। इस हत्याकांड के पीछे की वजह अंधविश्वास और खुद की मौत का डर निकला, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। घटना 26 मई की है, जब कस्बा श्रीनगर स्थित दुर्जन साहू के कुएं से 60 वर्षीय रामप्रसाद प्रजापति का शव बरामद हुआ था। रामप्रसाद झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाओं का काम करता था. शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ऐसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी
मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर होने के कारण पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने इसके खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की तीन संयुक्त टीमें गठित की थीं। लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बिलरही तिराहे से आरोपी लखन साहू को गिरफ्तार कर लिया।
खुद की मौत के डर में डूबे आरोपी ने की हत्या
पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी ने बताया कि उसके भाई की करीब डेढ़ वर्ष पहले मौत हो गई थी. इसके बाद परिवार में लगातार बीमारियां और अन्य परेशानियां बनी हुई थीं। वह इन सभी घटनाओं के लिए रामप्रसाद की कथित तांत्रिक विद्या को जिम्मेदार मानने लगा था। अंधविश्वास में डूबे लखन को यह वहम हो गया था कि यदि उसने रामप्रसाद की हत्या नहीं की तो उसकी खुद की जान चली जाएगी।
पुलिस टीम को एसपी ने दिया 10 हजार रुपये का इनाम
इसी डर और भ्रम के चलते उसने बाजार से गड़ासा खरीदा और मौका पाकर रामप्रसाद की हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए उसने शव को कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस चुनौतीपूर्ण ब्लाइंड मर्डर केस का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को एसपी शशांक सिंह ने 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।