Lok Sabha Election 2024 : राजीव गांधी का रिकॉर्ड तोड़कर ही पूरा होगा UP में BJP का सपना, 40 साल से नहीं पहुंचा कोई आसपास

UP Lok Sabha Chunav 2024: साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 400 पार सीटों का लक्ष्य रखा है। हालांकि इसका रास्ता यूपी से ही गुजरता है। यह लक्ष्य हासिल करने के लिए 40 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ना होगा 

UP Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 400 से ज्यादा सीटें हासिल करने का लक्ष्य बनाया है। बीजेपी हाईकमान ने कार्यकर्ताओं और राज्य इकाइयों को यह संदेश पहुंचा दिया है कि 400 से ज्यादा लोकसभा सीटों के लिए मेहनत की जाए। पार्टी ने इसके लिए राज्यवार रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बीजेपी की रणनीति के केंद्र में हिन्दी पट्टी का सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश भी है। पार्टी की कोशिश है कि वह इस बार 70 से सांसद जीत कर संसद पहुंचे।

बीजेपी ने अभी तक यह बात कही तो नहीं है लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर यह नजर आ रहा है कि पार्टी तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस रिकॉर्ड को ब्रेक करना चाहती है जब साल 1984 के चुनाव में कांग्रेस को 404 लोकसभा सीटें मिली थीं।

1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की 404 सीटों में उत्तर प्रदेश का अहम योगदान रहा है।  बीजेपी को अगर साल 2024 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी का रिकॉर्ड तोड़ना है तो उसे यूपी से बड़ी संख्या में सीटें जीतकर आना होगा। 1984 में संयुक्त उत्तर प्रदेश में कुल 85 लोकसभा सीटें थीं। हालांकि साल 2000 में उत्तराखंड अलग होने के बाद राज्य में फिलहाल 80 सीटें बचीं. साल 1984 की कुल 85 सीटों में से 67 सामान्य और 18 सीटें एससी के लिए रिजर्व थीं. उस चुनाव में महिला और पुरुष को मिलाकर कर कुल 6 करोड़ 23 लाख 35 हजार 43 नागरिकों ने मतदान किया था। यानी कुल 55.81% फीसदी मतदान हुआ था। इस चुनाव में दो सीटें लोकदल और 83 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं। तब कांग्रेस को कुल मतदान का 51.03 फीसदी वोट मिला था।

491 सीटों पर लड़ा था चुनाव

कांग्रेस को उस वक्त देश भर में 49.10 फीसदी वोट मिले और 82.28% सीटों पर उसने जीत दर्ज की थी। 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने 491 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, वहीं 0.41 फीसदी सीटों पर उसकी जमानत भी जब्त हो गई थी। यूपी में वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो तब पहली बार पूर्ण बहुमत पाने वाली भारतीय जनता पार्टी को यूपी में 80 में से 71 सीटें मिलीं थीं। उस वक्त बीजेपी का वोट प्रतिशत राज्य में 42.63 फीसदी था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के यूपी ग्राफ में गिरावट आई और पार्टी को 62 सीटें ही मिलीं। इस चुनाव में बीजेपी को 49.56 फीसदी वोट मिले।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या साल 1984 के चुनाव में राजीव गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने यूपी में समूचे विपक्ष को सिर्फ 2 सीटों पर सिमटा दिया था। क्या मिशन 80 का लक्ष्य लेकर चल रही बीजेपी, राज्य में विपक्ष का सूपड़ा साफ कर पाएगी?

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