Iran US War Day 36: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 36वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इस बीच युद्ध से जुड़े कई बड़े अपडेट सामने आए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
अब तक 2,076 मौतें, 26,500 से ज्यादा घायल
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक कम से कम 2,076 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 26,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
अमेरिका के दो लड़ाकू विमान गिराए जाने का दावा
रान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमान मार गिराए हैं। इनमें एक F-15E फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल है। ईरान के मुताबिक, F-15E फाइटर जेट को उसके क्षेत्र में गिराया गया। इस विमान में सवार एक क्रू मेंबर को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है. वहीं, ईरानी मीडिया का कहना है कि A-10 अटैक एयरक्राफ्ट पर्शियन गल्फ में गिरा. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर स्पष्ट नहीं किया है कि विमान क्रैश हुआ या उसे मार गिराया गया।
अमेरिकी सेना लापता क्रू मेंबर की तलाश में जुटी हुई है. इस दौरान सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग की चपेट में आए। हालांकि, हेलिकॉप्टर को नुकसान जरूर हुआ, लेकिन वह हवा में बना रहा। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ऐसे दो हेलिकॉप्टर प्रभावित हुए हैं। ये हेलिकॉप्टर F-15E के लापता पायलट को खोजने के मिशन पर थे।
ईरान ने कहा है कि उसने “नए एडवांस डिफेंस सिस्टम” की मदद से अमेरिकी विमानों को गिराया है। यह दावा अमेरिका के उस बयान के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम को पहले ही नष्ट कर दिया गया है।
48 घंटे के सीजफायर प्रस्ताव को ईरान ने ठुकराया
ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह प्रस्ताव एक तीसरे देश के जरिए तेहरान पहुंचाया गया था, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया. इस मामले पर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ट्रंप बोले- घटनाओं से बातचीत पर असर नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इन घटनाओं का ईरान के साथ संभावित बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रक्षा बजट बढ़ाने की मांग
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ट्रम्प ने अमेरिकी संसद से रक्षा बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की मांग की है। फिलहाल अमेरिका का रक्षा बजट करीब 839 बिलियन डॉलर (लगभग 70 लाख करोड़ रुपए) है. डोनाल्ड ट्रंप पहले भी अमेरिका और उसके सहयोगियों के सैन्य खर्च बढ़ाने की बात करते रहे हैं।








