ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में तनाव अचानक बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरानी ध्वज वाले कार्गो जहाज ‘Touska’ को जब्त कर लिया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की ओर ड्रोन लॉन्च किए। यह घटना 19-20 अप्रैल 2026 के आसपास हुई और सीजफायर/ट्रूस के बीच नई एस्केलेशन मानी जा रही है।
क्या हुआ ठीक-ठीक?
अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी नेवी (CENTCOM के अनुसार) ने USS Spruance (या इसी तरह के डिस्ट्रॉयर) से ईरानी जहाज Touska को रोका। यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास US-लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) तोड़ने की कोशिश कर रहा था। बार-बार चेतावनी के बाद इंजन रूम में फायरिंग की गई, जहाज को डिसेबल किया और बोर्डिंग करके कब्जा ले लिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद Truth Social पर इसकी पुष्टि की और कहा कि जहाज नाकेबंदी भंग करने की कोशिश कर रहा था। ईरान का जवाब: ईरानी मीडिया (तस्नीम, मेहर, प्रेस टीवी आदि) के अनुसार, इस कार्रवाई को “सशस्त्र समुद्री लूट (armed piracy)” और सीजफायर का उल्लंघन बताया गया। इसके कुछ घंटों बाद ईरानी बलों ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य जहाजों की ओर ड्रोन हमले किए। ईरान ने “तेज जवाबी कार्रवाई” की कसम खाई है। कुछ रिपोर्ट्स में US जहाजों को एयर डिफेंस सक्रिय करना पड़ा।
यह घटना होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई, जहां दुनिया का बड़ा तेल निर्यात गुजरता है।
पृष्ठभूमि
अमेरिका ने हाल ही में ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई थी (लगभग 13 अप्रैल 2026 से), जिससे क्षेत्र में तनाव पहले से था।
ईरान इसे युद्धविराम (truce/ceasefire) का उल्लंघन बता रहा है, जबकि अमेरिका कहता है कि जहाज ब्लॉकेड तोड़ रहा था।
दोनों तरफ से अभी तक बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है — ज्यादातर ड्रोन “की ओर लॉन्च किए गए” या “ट्रैक किए गए” की खबरें हैं, न कि पुष्टि किए गए हिट्स की।
मौजूदा स्थिति (20 अप्रैल 2026 तक)
क्षेत्र में अलर्ट है, US जहाजों ने अपनी स्थिति मजबूत की है। वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग लेन पर असर पड़ सकता है। दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं — ईरान “पाइरेसी” कह रहा है, अमेरिका “ब्लॉकेड ब्रेकिंग”। यह जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी बयानों, ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय न्यूज रिपोर्ट्स (ABP, NDTV, Times Now, ANI आदि) पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक अपडेट (CENTCOM या ईरानी सरकारी बयान) चेक करते रहें।








