होर्मुज पर ईरान की अड़ियल रुख
ईरान ने जवाब में होर्मुज को फिर से “बंद” करने की घोषणा की और कहा कि अमेरिका की “मैक्सिमलिज्म” (अत्यधिक दबाव) और “गोल पोस्ट बदलने” की वजह से बातचीत बिगड़ी।
ईरान का रुख है कि होर्मुज पर नियंत्रण उसका “संप्रभु अधिकार” है और वह अमेरिकी ब्लॉकेड हटाए बिना आगे नहीं बढ़ेगा। तेहरान ने चेतावनी दी कि अगर ब्लॉकेड जारी रहा तो “जल्दी जवाबी कार्रवाई” होगी।
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज “खुला” है, लेकिन ईरान ने इसे खारिज करते हुए कहा कि नियंत्रण ज़मीन पर है, सोशल मीडिया पोस्ट्स पर नहीं।
आसिम मुनीर ने ट्रंप को क्यों फोन किया?
पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर (जिन्हें ट्रंप अक्सर “फील्ड मार्शल” और “मेरा फेवरेट” कहकर सराहते हैं) ने हाल ही में ट्रंप से फोन पर बात की। मुख्य वजह:
मध्यस्थता की भूमिका: पाकिस्तान ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है। मुनीर हाल में तेहरान गए थे और वहां ईरानी नेताओं से मुलाकात की। वापसी पर या उसी दौरान उन्होंने ट्रंप को फोन किया।
होर्मुज ब्लॉकेड को बाधा बताया: मुनीर ने ट्रंप को स्पष्ट बताया कि अमेरिकी ब्लॉकेड शांति वार्ता के लिए बड़ी बाधा (hurdle) है। उन्होंने कहा कि ब्लॉकेड हटाए बिना या उस पर समझौता किए बिना दूसरे दौर की बातचीत मुश्किल है।
ट्रंप ने मुनीर की सलाह पर “विचार” करने की बात कही। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि बातचीत में होर्मुज की स्थिति और ईरान के साथ संभावित समझौते के डिटेल्स पर चर्चा हुई।
पाकिस्तान इस्लामाबाद को वार्ता स्थल बनाने की कोशिश कर रहा है, और मुनीर की यह कॉल उसी कूटनीति का हिस्सा लगती है। ट्रंप ने पहले भी मुनीर और पाक PM शहबाज शरीफ की तारीफ की थी।
फिलहाल की स्थिति
दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं — ईरान अमेरिका को “समुद्री लुटेरा” बता रहा है, जबकि ट्रंप ईरान पर दबाव बनाए हुए हैं।
संक्षेप में: ईरान होर्मुज पर नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं, इसलिए दूसरे दौर की बातचीत अटकी हुई है। आसिम मुनीर ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका निभाते हुए ट्रंप को ब्लॉकेड की समस्या से अवगत कराया, ताकि वार्ता आगे बढ़ सके। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण और अनिश्चित है अगले कुछ दिनों में कोई ब्रेकथ्रू हो तो आश्चर्य नहीं।








