ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से भड़का ईरान,  कहा – पहली मिसाइल से डुबो देंगे अमेरिका के जहाज

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (ब्लॉकेड) लागू कर दिया है. ट्रंप ने यह फैसला तब किया, जब इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच हुई पीस टॉक बेनतीजा रही थी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों को रोकने की घोषणा की थी. इस पर ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी जहाजों को डुबाने की धमकी दी.

 

यूएस को दी चेतावनी?

 

ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में निगरानी करने का फैसला किया तो ईरान अमेरिकी जहाजों को डुबा देगा.

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पूर्व कमांडर-इन-चीफ मोहसिन रेजाई ने सरकारी टीवी से बातचीत के दौरान कहा, ‘मिस्टर ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट के ‘पुलिस अधिकारी’ बनना चाहते हैं, लेकिन क्या वास्तव में ये उनका काम है? क्या यह अमेरिका जैसी शक्तिशाली सेना का काम है?’ उन्होंने आगे कहा, ‘आपके (यूएस) ये जहाज हमारी पहली मिसाइलों से डुबा दिए जाएंगे. इन्होंने अमेरिकी सेना के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. ये निश्चित रूप से हमारी मिसाइलों की चपेट में आ सकते हैं और हम इन्हें नष्ट कर सकते हैं.’

 

सीजफायर पर क्या बोले रेजाई?

 

रेजाई ने अमेरिका और ईरान के बीच हुई सीजफायर के समझौते को बढ़ाने को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘मैं युद्धविराम बढ़ाने के बिल्कुल भी पक्ष में नहीं हूं और यह मेरा निजी विचार है.’ रेजाई का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई पीस टॉक के असफल रहने के बाद दूसरे दौर की शांति वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं.

 

क्या बोलीं व्हाइट हाउस प्रेस सचिव?

 

वहीं, व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि सुबह मैंने कुछ गलत रिपोर्टिंग देखी, जिसमें कहा गया था कि हमने औपचारिक रूप से सीजफायर बढ़ाने का अनुरोध किया है. यह बात सच नहीं है. ईरान से जुड़े समुद्री प्रतिबंध ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा. खासकर अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में.

 

 

‘ईरानी बंदरगाहों पर यूएस की नाकेबंदी जारी’

 

ईरान की नाकेबंदी पर सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पोस्‍ट में व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया है और इसे ईरान के बंदरगाहों में आने या वहां से जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू किया जा रहा है. इसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं और इस क्षेत्र में हमारी अमेरिकी सेनाएं उन जहाजों के लिए नेविगेशन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रही हैं, जो होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरते हुए गैर-ईरानी बंदरगाहों तक आ-जा रहे हैं.’

उन्होंने बताया, ‘अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं, जबकि सेंटकॉम ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी को लागू करना जारी रखे हुए है. अमेरिकी सेनाएं वहां मौजूद हैं, सतर्क हैं और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं.’

 

  • Related Posts

    भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल
    • TN15TN15
    • July 22, 2026

    नई दिल्ली। अरसे से पश्चिम के इतिहासकार इस…

    Continue reading
    आखिर क्यों बलूचिस्तान को नहीं छोड़ना चाहता पाकिस्तान?
    • TN15TN15
    • July 15, 2026

    पाकिस्तान के सबसे अशांत और आर्थिक रूप से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    बिहार: AK-47 का किसने दिया ऑर्डर, कितनों को लगी गोली?

    • By TN15
    • July 27, 2026
    बिहार: AK-47 का किसने दिया ऑर्डर, कितनों को लगी गोली?

    Reservation Hatao आंदोलन को मैथ्स वाले अभिनय सर का समर्थन है या नहीं?    

    • By TN15
    • July 27, 2026
    Reservation Hatao आंदोलन को मैथ्स वाले अभिनय सर का समर्थन है या नहीं?    

    अभी और कुछ देखना बाकी है, अभी भी है क्या अंधभक्ति ?

    • By TN15
    • July 27, 2026
    अभी और कुछ देखना बाकी है, अभी भी है क्या अंधभक्ति ?

    जंतर मंतर आंदोलन पर पैलेट गन के प्रयोग के जिम्मेदार अमित शाह इस्तीफा दें

    • By TN15
    • July 27, 2026
    जंतर मंतर आंदोलन पर पैलेट गन के प्रयोग के जिम्मेदार अमित शाह इस्तीफा दें

    दिल्ली जंक्शन‌ पर कौन उतरा

    • By TN15
    • July 27, 2026
    दिल्ली जंक्शन‌ पर कौन उतरा

    लिखावट साहित्य – सम्मान से सम्मानित हुए युवा आलोचक नीरज कुमार मिश्र

    • By TN15
    • July 27, 2026
    लिखावट साहित्य – सम्मान से सम्मानित हुए युवा आलोचक नीरज कुमार मिश्र