भारतीय क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार ने फोर्टिस ग्रेटर नोएडा में अत्याधुनिक पीआईसीयू का किया उद्घाटन

देव मणि शुक्ल

नोएडा फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने आज अपने हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूती देते हुए अत्याधुनिक पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) की शुरुआत की। इस सुविधा का उद्घाटन भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने क्रिकेट आइकन भुवनेश्वर कुमार ने किया।

फोर्टिस ग्रेटर नोएडा का नया पीआईसीयू क्षेत्र के सबसे बड़े पीआईसीयू में से एक है, जिसमें 10 बेड और विशेष आइसोलेशन रूम शामिल हैं। यह यूनिट 1 माह से 18 वर्ष तक के बच्चों के इलाज के लिए बनाई गई है। इसमें अत्याधुनिक तकनीक जैसे पीडियाट्रिक वेंटिलेटर, नॉन-इनवेसिव वेंटिलेटर, कार्डियक और न्यूरोलॉजिकल मॉनिटरिंग, हीमोडायलिसिस, आर्टेरियल और सेंट्रल लाइन सपोर्ट, हाई-फ्रीक्वेंसी वेंटिलेटर और ईसीएमओ सपोर्ट उपलब्ध है।

उद्घाटन के मौक़े पर क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं फोर्टिस ग्रेटर नोएडा को इस अत्याधुनिक पीआईसीयू की शुरुआत के लिए दिल से बधाई देता हूं। यह एक ज़रूरी पहल है। पीआईसीयू बच्चों की गंभीर बीमारियों के इलाज में अहम भूमिका निभाता है, दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद करता है और मृत्यु दर को कम करने में सहायक साबित होता है।”

फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट पीडियाट्रिक्स, डॉ. कुशाग्र गुप्ता ने कहा, “पीआईसीयू विशेष रूप से बच्चों के लिए बनाया गया आईसीयू है। बच्चों की बीमारियां बड़ों से अलग होती हैं, इसलिए उन्हें वयस्क आईसीयू में रखना उनके लिए सुरक्षित नहीं होता। संक्रमण का खतरा भी अधिक रहता है। शहरी इलाकों और यहां आबादी बढ़ने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन की वजह से बच्चों से जुड़ी बीमारियों में तेज़ी आई है। डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस-ए, सांस का संक्रमण और एलर्जी-अस्थमा जैसी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में पीआईसीयू का होना बेहद ज़रूरी है, ताकि समय पर और टॉप क्लास इलाज मिल सके।”

फोर्टिस हेल्थकेयर के ज़ोनल डायरेक्टर मोहित सिंह ने कहा, “यह नई सुविधा हमारे समर्पण का प्रमाण है। हमारा ध्यान ग्रेटर नोएडा के बच्चों के लिए सबसे ऊंचे स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर है। हमारे लिए केवल जीवन बचाना के लिए संवेदनशीलता के साथ और सटीक ढंग से इलाज करना भी बेहद अहम है।”

फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के फैसिलिटी डायरेक्टर सिद्धार्थ निगम ने कहा, “पीआईसीयू में चौबीसों घंटे उपलब्ध चिकित्सकों की टीम और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। मजबूत क्रिटिकल केयर सपोर्ट की बदौलत यहां जटिल बीमारियों का इलाज संभव हो पाएगा, जिससे मरीज़ों के लिए बेहतर नतीजे मुमकिन होंगे।”

  • Related Posts

    Delhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!
    • TN15TN15
    • July 18, 2026

    कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म करने के…

    Continue reading
    सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके, मंच पर ही रो पड़े CJP चीफ 
    • TN15TN15
    • July 18, 2026

    दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कमिश्नरी रीवा में सोनम वांगचुक के अलोकतांत्रिक हिरासत के विरोध में धरना

    • By TN15
    • July 18, 2026
    कमिश्नरी रीवा में सोनम वांगचुक के अलोकतांत्रिक हिरासत के विरोध में धरना

    सोनम वांगचुक का अनशन को भ्रमजाल का हिस्सा? केशव प्रसाद मौर्य बोले- जनता भ्रम में नहीं आएगी

    • By TN15
    • July 18, 2026
    सोनम वांगचुक का अनशन को भ्रमजाल का हिस्सा? केशव प्रसाद मौर्य बोले- जनता भ्रम में नहीं आएगी

    Delhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!

    • By TN15
    • July 18, 2026
    Delhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!

    ‘गाड़ी में सपा का झंडा लगा लें…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी के मंत्री की सलाह

    • By TN15
    • July 18, 2026
    ‘गाड़ी में सपा का झंडा लगा लें…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी के मंत्री की सलाह

    भारत में जंतर-मंतर का विरोध-प्रदर्शन क्यों एक जन-आंदोलन नहीं बन पाया?

    • By TN15
    • July 18, 2026
    भारत में जंतर-मंतर का विरोध-प्रदर्शन क्यों एक जन-आंदोलन नहीं बन पाया?

    सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने लिखी चिट्ठी, कहा- ‘जांच रिपोर्ट नहीं मिली, भरोसा कम…’

    • By TN15
    • July 18, 2026
    सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने लिखी चिट्ठी, कहा- ‘जांच रिपोर्ट नहीं मिली, भरोसा कम…’