अडानी मामले में जेपीसी की मांग को रिकार्ड से हटवाया, खड़गे बोले, जनता के सवालों का जवाब दिये बगैर संसद से चले गये पीएम मोदी

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार अहंकारी है और बेरोजगारी, महंगाई और अडानी विवाद पर सवालों का जवाब नहीं देना चाहती

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में अडानी मुद्दे पर उठाई गई संयुक्त संसदीय समिति की मांग को रिकार्ड से हटवाया गया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए गये मुद्दों के प्रमुख बिंदु को संबोधित किये बिना दोनों सदनों में भाषण दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में अडानी मुद्दे पर उठाई गई संयुक्त संसदीय समिति की मांग की रिकार्ड से हटवाया गया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए गये मुद्दों के प्रमुख बिंदु को संबोधित किये बिना दोनों सदनों ेमं भाषण दिया है। सरकार अहंकारी है और बेरोजगारी, महंगाई और अडाणी विवाद पर सवालों का जवाब नहीं देना चाहती।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आजादी के ७५ वर्ष पर यह अमृतकाल नहीं बल्कि मित्रकाल है। उन्होंने कहा कि संसद के दौरान विपक्ष की ओर से उठाए गए तमाम मुद्दों को बिना तवज्जो दिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक चुनावी भाषण दिया है। खड़गे ने कहा कि हम अडानी मुद्दे पर जांच चाहते थे, क्या संसद में संयुक्त संसदीय समिति की मांग करना गुनाह है ? इसे क्यों रिकार्ड से हटाया गया ?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद के रिकार्ड से हटाई गई कई बातों को जिक्र करते हुए सवाल उठाया है कि जो बातें रिकार्ड से हटाई गई है उसमें असंसदीय क्या था ? इसका जवाब दिया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में अपनी भाषण के दौरान एक शेर पढ़ते हुए केंद्र सरकार पर हमला किया था, अब खड़गे ने कहा है कि उनकी शायरी के एक हिस्से को भी रिकार्ड से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सदन में शायरी की पंपरा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने से चली आ रही है, इससे क्या तकलीफ थी ?इसे क्यों रिकार्ड से हटाया गया ? यह बोलने की आजादी का हनन है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाए कई सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कई सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अडाणी मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच नहीं होनी चाहिए ? क्या एलआईसी के डूबते पैसे पर सवाल उठाना नहीं चाहिए ? क्या एसबीआई द्वार अडाणी को दिये गये ८२ हजार करोड़ के बारे में सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए ? जनता के पैसे सवाल करना गलत है ? अडाणी की कंपनियों में आने वाला पैसा कहां से आ रहा है ? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने और भी कई सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा है।

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