ल्यारी में पाकिस्तानी मौलाना ने मुनीर से पूछा- इंडिया ने मुरीदके में हमला कर क्या गलत किया? ?

पाकिस्तान के प्रमुख राजनीतिक नेता और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने 21 दिसंबर को कराची के ल्यारी इलाके में ‘तहफ्फुज दीनिया मदारीस कान्फ्रेंस’ के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से एक तीखा सवाल किया। उन्होंने कहा, “अगर आप (पाकिस्तानी फौज) अपने दुश्मनों के ठिकानों पर हमला करने को जायज ठहराते हैं, तो भारत ने मुरीदके, बहावलपुर और कश्मीर में आतंकी केंद्रों पर हमला किया तो क्या गलत किया? आप भारत पर एतराज क्यों जताते हैं?” यह बयान पाकिस्तान की सेना की विदेश नीतियों, खासकर अफगानिस्तान और भारत के साथ, पर सीधी आलोचना था।

पृष्ठभूमि: ऑपरेशन सिंदूर क्या था?

यह सवाल हाल ही के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आया, जो भारत ने 7 मई को शुरू किया था। यह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान में:

पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल और हवाई हमले किए गए, जिनमें मुरीदके (लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय), बहावलपुर, मुजफ्फराबाद आदि शामिल थे।
100 से अधिक आतंकी मारे गए, और पाकिस्तान के कई एयरबेस व हथियार प्रणालियां नष्ट हो गईं।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में दावा किया कि इस संघर्ष में “अल्लाह की दिव्य सहायता” मिली, वरना हालात बिगड़ जाते। मुरीदके हमला खासतौर पर महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों का गढ़ है, जो भारत के खिलाफ कई हमलों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।

 

मौलाना फजलुर रहमान का पूरा बयान और आलोचना

ल्यारी (कराची का एक संवेदनशील इलाका) में बोलते हुए मौलाना ने पाकिस्तानी फौज की नीतियों पर व्यापक हमला बोला:

अफगानिस्तान नीति पर सवाल: कहा कि सेना की वजह से पाक-अफगान रिश्ते खराब हो गए। तालिबान पर बमबारी को जायज बताने वाले पाकिस्तान को भारत की कार्रवाई पर आपत्ति क्यों? अगर पाक काबुल पर हमला करे, तो यह इस्लामाबाद पर हमले जैसा होगा।
ईरान पर स्ट्राइक: फौज का ईरान और अफगानिस्तान के प्रति दोहरा रवैया क्यों? अफगान सरकार कमजोर है, इसलिए निशाना बनाई जा रही है। 78 साल की अफगान पॉलिसी: क्या यह फेल हो गई? सेना को खुद को जांचना चाहिए।
राजनीतिक मांग: देश में नए चुनाव कराने की मांग, वर्तमान सरकार को “वोट रिंगिंग” (धांधली) का दोषी ठहराया।

यह बयान पाकिस्तान की सिविल-मिलिट्री टेंशन को उजागर करता है, जहां राजनीतिक नेता सेना के राजनीतिक हस्तक्षेप पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पाकिस्तान की विदेश नीति (भारत, अफगानिस्तान) पर बहस तेज हो सकती है।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

पाकिस्तान में हलचल: मौलाना का बयान वायरल हो गया, और यह इमरान खान जैसे विपक्षी नेताओं की आलोचना से जुड़ गया। कुछ रिपोर्ट्स में मुनीर को “मुल्ला मुनीर” कहकर निशाना बनाया जा रहा है।
भारतीय पक्ष: यह भारत की “सर्जिकल स्ट्राइक” नीति को मजबूत करता दिखता है, जहां आतंकी ठिकानों पर सीधी कार्रवाई को जायज ठहराया जा रहा है।

  • Related Posts

    भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल
    • TN15TN15
    • July 22, 2026

    नई दिल्ली। अरसे से पश्चिम के इतिहासकार इस…

    Continue reading
    आखिर क्यों बलूचिस्तान को नहीं छोड़ना चाहता पाकिस्तान?
    • TN15TN15
    • July 15, 2026

    पाकिस्तान के सबसे अशांत और आर्थिक रूप से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    वैभव सूर्यवंशी को युवराज सिंह से लेनी चाहिए ट्रेनिंग : योगराज सिंह

    • By TN15
    • July 27, 2026
    वैभव सूर्यवंशी को युवराज सिंह से लेनी चाहिए ट्रेनिंग : योगराज सिंह

    लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन  

    • By TN15
    • July 27, 2026
    लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन  

    अब गडकरी का नंबर! मैदान में आए केजरीवाल!

    • By TN15
    • July 27, 2026
    अब गडकरी का नंबर!  मैदान में आए केजरीवाल!

    बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर CJP की दो टूक, ‘भरोसे को…’

    • By TN15
    • July 27, 2026
    बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर CJP की दो टूक, ‘भरोसे को…’

    युवाओं की ऐतिहासिक जीत – तानाशाही की हार, लोकतंत्र ताकतवर हुआ!

    • By TN15
    • July 27, 2026
    युवाओं की ऐतिहासिक जीत – तानाशाही की हार, लोकतंत्र ताकतवर हुआ!

    नारायणी साहित्य अकादमी ने आयोजित किया नामवर अभिनंदन शताब्दी समारोह!

    • By TN15
    • July 27, 2026
    नारायणी साहित्य अकादमी ने आयोजित किया नामवर अभिनंदन शताब्दी समारोह!