“शोक मनाने का वक्त भी नहीं मिला”, पूर्व भारतीय स्टार ने सुनाई भावुक आपबीती

पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिवरामकृष्णन ने हाल ही में अपनी कमेंट्री करियर को छोड़ दिया है। इसी के साथ उन्होंने एक ऐसा खुलासा भी किया जिसने सबको हैरान कर दिया है। शिवरामकृष्णन ने बताया कि कुछ ही साल पहले उनके बड़े भाई का देहांत हुआ था, जिसके कुछ मिनट के बाद BCCI ने उन्हें कॉल किया  और अगली ही सुबह की फ्लाइट लेकर मोहाली पहुचनें के लिए कहा।

दरअसल, जब शिवरामकृष्ण के भाई की मृत्यु हुई थी उसके अगले दिन मोहाली में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच एक टेस्ट मुकाबला होना था। शिवरामकृष्णन ने अपनी पोस्ट के ज़रिए अपना दुख जाहिर करते हुए X पर लिखा, ‘कुछ साल पहले मेरे बड़े भाई का निधन हो गया था. शाम को हमने अंतिम संस्कार पूरा किया और कुछ ही मिनट बाद BCCI के डायरेक्टर ऑफ ब्रॉडकास्टिंग का फोन आया.’ सिवरामकृष्णन ने आगे लिखा ‘उन्होंने मुझसे कहा कि अब जब अंतिम संस्कार हो गया है तो क्या मैं अगली सुबह मोहाली जाकर भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच में कमेंट्री कर सकता हूं. मैं गया. मैंने अपना शोक छोड़कर काम को चुना।

पूर्व भारतीय स्पिनर के मुताबिक, उस समय वह अपने भी के जाने की दुख से उबर नहीं पाए थे, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने पेशे को प्राथमिकता दी और अगले दिन कमेंट्री के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार और निजी दुख से ऊपर काम को रखा, लेकिन बदले में उन्हें सम्मान नहीं मिला. उन्होंने इसपर लिखा, ‘इतना सब करने के बाद भी मुझे बहुत कुछ झेलना पड़ा।

परिवार से ऊपर अपने करियर को रखा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने यह भी कहा, ‘मेरी मां का निधन भी उस समय हुआ था जब मैं पुणे में कमेंट्री कर रहा था.’ उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि इतना सब सहने और पेशे के लिए त्याग करने के बावजूद उन्हें कई मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ा.  उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि जिस व्यक्ति की वजह से उन्हें यह सब झेलना पड़ा, वही उनके कमेंट्री करियर से संन्यास लेने की बड़ी वजह बना. हालांकि उन्होंने किसी के नाम का खुलासा नहीं किया।

शिवरामकृष्णन ने IPL 2026 के शुरू होने के पहले मार्च में कॉममेंट्री छोड़ी थी। इस पर उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में नए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी और उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था. उसी दौरान उन्होंने रंगभेद जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।

शिवरामकृष्णन ने 60 साल की उम्र में साल 2000 में कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा था. इसके पहले वे बहार्ट के लेग स्पिनर रह चुके हैं, जिन्होंने भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 26 और 15 विकेट लिए।

  • Related Posts

    ढाई दिन में जीती वैभव सूर्यवंशी की टीम, इस बार गेंदबाजी से किया कमाल
    • TN15TN15
    • August 25, 2026

    दलीप ट्रॉफी के पहले क्वार्टर फाइनल में ईस्ट…

    Continue reading
    उप कप्तान वैभव सूर्यवंशी की जर्सी पर नया बवाल, क्यों करना पड़ा ऐसा?
    • TN15TN15
    • August 25, 2026

    दिलीप ट्रॉफी में डेब्यू करते ही वैभव सूर्यवंशी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    नेपाल बाढ़: बिहार के मंत्री बोले- किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार

    • By TN15
    • August 27, 2026
    नेपाल बाढ़: बिहार के मंत्री बोले- किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार

    देहरादून: 3.20 करोड़ की ठगी! फर्जी MD बनकर कंपनी को लगाया चूना

    • By TN15
    • August 27, 2026
    देहरादून: 3.20 करोड़ की ठगी! फर्जी MD बनकर कंपनी को लगाया चूना

    नेपाल की तबाही : कुदरत का कहर या अनियोजित विकास की चेतावनी?

    • By TN15
    • August 27, 2026
    नेपाल की तबाही : कुदरत का कहर या अनियोजित विकास की चेतावनी?

    ‘गलत करूं तो जूते मारें’, मंत्री भरत सिंह चौधरी के बयान का वायरल

    • By TN15
    • August 27, 2026
    ‘गलत करूं तो जूते मारें’, मंत्री भरत सिंह चौधरी के बयान का वायरल

    RSS चीफ के न्यूयॉर्क दौरे पर संजय राउत बोले, ‘मुझे विश्वास है कि…’

    • By TN15
    • August 27, 2026
    RSS चीफ के न्यूयॉर्क दौरे पर संजय राउत बोले, ‘मुझे विश्वास है कि…’

    रक्षाबंधन: एक धागा, हजारों भावनाएं और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प

    • By TN15
    • August 27, 2026
    रक्षाबंधन: एक धागा, हजारों भावनाएं और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प