‘मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं… चुनाव लड़ने नहीं आया हूं’

भोजपुरी सुपरस्टार और बीजेपी से जुड़े पवन सिंह ने हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने खुद को पार्टी का “सच्चा सिपाही” बताते हुए स्पष्ट किया कि उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है।

पवन सिंह का पूरा एक्स पोस्ट

पवन सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा:
“मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूं कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है। मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा।”
यह पोस्ट बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं (जैसे अमित शाह और जेपी नड्डा) के साथ उनकी हालिया मुलाकातों के बाद उभरी अफवाहों के जवाब में किया गया, जिसमें माना जा रहा था कि वे पुरव锚ा या अन्य सीट से टिकट मांग रहे हैं।
पृष्ठभूमि और विवाद

राजनीतिक जुड़ाव: पवन सिंह पिछले 15 साल से बीजेपी के प्रचार में सक्रिय हैं, लेकिन कभी चुनावी मैदान में नहीं उतरे। हाल के दिनों में उनकी पार्टी नेताओं से मुलाकातों ने अटकलों को हवा दी।
पत्नी ज्योति सिंह से विवाद: यह घोषणा पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे निजी विवाद के बीच आई है। ज्योति ने पवन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया कि वे उन्हें गर्भपात की दवाएं खिलाते थे, बच्चे के लिए तरसते हुए प्रताड़ित करते थे। एक बार परेशान होकर ज्योति ने नींद की गोलियां खा लीं, जिसके बाद पवन के भाई उन्हें अस्पताल ले गए। ज्योति ने यह भी कहा कि पवन, जो खुद 15 साल से टिकट नहीं पा सके, उन्हें चुनावी टिकट कैसे दिलवाएंगे।
ज्योति का राजनीतिक एंगल: ज्योति ने हाल ही में प्रशांत किशोर (जन सुराज के संस्थापक) से गुप्त मुलाकात की, जिससे उनकी चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे टिकट नहीं मांग रही हैं।

पवन सिंह को हाल ही में Y+ श्रेणी की सुरक्षा भी मिली है, जिसे इंटेलिजेंस रिपोर्ट पर आधारित बताया जा रहा है। यह पूरा मामला बिहार चुनाव से पहले भोजपुरी समाज और राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।20 web pages1.6sAre you s

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