सपा के झंडे लिए सैकड़ों कार्यकर्ता, जमकर बजा डीजे, पश्विमी यूपी में क्यों रातभर दौड़ता रहा अखिलेश यादव का काफिला ?

द न्यूज 15 
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण में पश्चिमी यूपी की ब्रज में शामिल आगरा, मथुरा और अलीगढ़ सहित 11 जिलों की 58 सीटों पर चुनाव होगा। ऐसे में पश्चिमी यूपी में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच गठबंधन की तरफ से अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने बुधवार को विजय रथ यात्रा निकाली। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम काफिले के आगे पीछे चलता नजर आया।
बता दें कि इसका एक वीडियो सपा के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसमें अखिलेश यादव और जयंत चौधरी अपनी यात्रा के दौरान लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने अपने में हाथों में गन्ना लिया हुआ था। जिसका संबंध सांकेतिक रूप से गन्ना किसानों से माना जा रहा है। इसके अलावा अखिलेश यादव हाथ में गदा लिये भी दिखाई दिये। उन्होंने बस खिड़की से बाहर निकलते हुए लोगों को गदा दिखाकर अभिवादन किया।
वहीं इस यात्रा के दौरान डीजे बजते गानों के बीच लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की। लोगों के हाथों अपने दलों के राजनीतिक झंडे भी थे। हालांकि इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल टूटता नजर आया। सामने आये वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग सपा प्रमुख और आरएलडी नेता की बसों के आगे पीछे चलते दिखाई दे रहे हैं। अपनी इस यात्रा में अखिलेश- जयंत शामली के रमाला से बड़ौत, बागपत, खेड़का होते हुए लोगों से विजय यात्रा निकाली।
पहले चरण में आठ मंत्रियों की होगी ‘अग्निपरीक्षा’ : इस दौरान काफिला कई जगह रुका लेकिन दोनों नेताओं में से किसी ने भी संबोधन नहीं किया। बता दें कि सपा-रालोद के गठबंधन की यह विजय यात्रा रात के 10 बजे बागपत पहुंचा। जानकारी के मुताबिक विजय यात्रा आधी रात तक सड़कों पर घूमता रहा। इस दौरान देरी होने के बाद भी लोग की भीड़ जमा थी।
इस विजय यात्रा का वीडियो शेयर करते हुए सपा ने लिखा, “सपा और आरएलडी की संयुक्त “समाजवादी विजय यात्रा” के दौरान मिल रहा जनता का ऐतिहासिक समर्थन दे रहा संदेश, यूपी में परिवर्तन लेकर आ रहे हैं अखिलेश। सपा~आरएलडी साथ, 10 मार्च भाजपा साफ!”
दरअसल पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन को लेकर जिस तरह से किसानों के बीच भाजपा के खिलाफ नाराजगी बताई जा रही है। उसको देखते हुए अखिलेश यादव जयंत चौधरी के साथ पश्चिमी यूपी में अपनी धाक जमाना चाहते हैं।
बता दें कि सपा नेताओं का मानना है कि पश्चिमी यूपी में किसानों का साथ अखिलेश को सत्ता की कुर्सी हासिल करने में मदद करेगा। कहा जा रहा है कि इसी वजह से अखिलेश यादव पहले चरण में विधानसभा सीटों पर जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
वहीं इस यात्रा से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, “पहले चरण का चुनाव किसानों का चुनाव है। इस मौके पर मैं चौधरी चरण सिंह जी को याद करता हूं। उन्होंने अपने जीवन में जो प्रयास किया, उनका जो संघर्ष रहा उससे आज किसान जागरूक हुआ है। यह चुनाव भाईचारा बनाम भाजपा है।”

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