ग्रामीण विकास समिति सोरखा कमेटी ने केक काटकर हर्षोल्लास के साथ मनाई अंबेडकर जयंती

नोएडा। भारत रत्न से सम्मानित महान समाज सुधारक व भारतीय संविधान के शिल्पी बाबा साहब अंबेडकर की जयंती ग्रामीण विकास समिति सोखा कमेटी के कार्यकर्ताओं ने समिति के अध्यक्ष हरगोविंद सिंह, संयोजक गंगेश्वर दत्त शर्मा के नेतृत्व में सोरखा कॉलोनी सेक्टर- 115, नोएडा पर केक काटकर और उनके चित्र पर फूल माला/पुष्प अर्पित कर हर्सोल्लास के साथ मनाई। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास समिति के संयोजक व सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि आज ज्ञान, संघर्ष और समता के प्रतीक, भारतीय संविधान के निर्माता, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर हम उन्हें केवल श्रद्धांजलि नहीं देते, बल्कि उनके विचारों को फिर से जीवित करने का संकल्प भी लेते हैं।

डॉ. अंबेडकर को केवल दलितों के नेता कहना उनके विराट योगदान को सीमित करना होगा। वे जाति व्यवस्था के खात्मे के लिए सबसे मुखर और वैचारिक योद्धा थे। “जाति का विनाश” जैसी पुस्तक में उन्होंने जाति के ढांचे को जड़ से उखाड़ फेंकने की आवश्यकता बताई, और ये भी स्पष्ट किया कि यह केवल सामाजिक सुधार की बात नहीं, बल्कि लोकतंत्र और इंसानियत की नींव को सशक्त करने का सवाल है।
उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी निर्णायक लड़ाई लड़ी। हिंदू कोड बिल के ज़रिए उन्होंने महिलाओं को संपत्ति, विवाह, और उत्तराधिकार जैसे अधिकार दिलवाने की कोशिश की, जो उस समय के लिए बेहद क्रांतिकारी कदम था।
श्रमिकों के लिए बनाई गई नीतियाँ, न्यूनतम वेतन, काम के घंटे सीमित करना, मातृत्व अवकाश – ये सब डॉ. अंबेडकर के ही प्रयासों का नतीजा हैं। वे भारत के पहले श्रम मंत्री थे और उनकी नीतियाँ आज भी करोड़ों मजदूरों की रीढ़ बनी हुई हैं। उनकी वैचारिक यात्रा में रमाबाई और साविता अंबेडकर जैसे मजबूत स्तंभ भी रहे। साविता अंबेडकर, एक ब्राह्मण परिवार से थीं, लेकिन उन्होंने डॉ. अंबेडकर के साथ मिलकर बौद्ध धर्म को अपनाया और  उनके जीवन के अंतिम वर्षों में उनकी चिकित्सा व भावनात्मक देखभाल की। यह दिखाता है कि अंबेडकर का जीवन जाति और लिंग दोनों के विरुद्ध खड़े संघर्षों से गूंथा हुआ था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता समानता और भाईचारे का हमें जो मंत्र बाबा साहब ने दिया आज के हालात में उसे पर और ज्यादा काम करने की जरूरत है।
कार्यक्रम को सोरखा कमेटी के कार्यकर्ता धर्मवीर सोलंकी, लखन सिंह, राजू, पप्पू, प्रेमपाल, रविंद्र, गुड्डू लाल, राजकुमार, जनवादी महिला समिति की जिलाध्यक्ष रेखा चौहान, कोषाध्यक्ष गुड़िया देवी, सचिव किरण देवी आदि ने बाबा साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने संबोधन में बाबा साहब के सपनों का भारत बनाने की लड़ाई को जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम में दलित, शोषित, पीड़ितों व मजदूरों के हक अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने के लिए स्थानीय लोगों ने समिति के संयोजक गंगेश्वर दत्त शर्मा को फूल माला पहनकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ो लोगों ने भोजन ग्रहण किया।

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