तो मायावती का साथ छोड़ अखिलेश का दामन थाम लेंगे आकाश ?

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी में निष्कासन का दौर जारी है। बसपा चीफ मायावती ने गुरुवार, 10 सितंबर को अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

अब सवाल उठ रहे हैं कि आकाश आनंद का अगला कदम क्या होगा? आकाश के सामने अब या तो बसपा में एकदम साइडलाइन रहने का ऑप्शन है या फिर वह किसी और राजनीतिक दल का रुख कर सकते हैं या वह अपनी नई पार्टी बना लें! हालांकि सियासी जानकार बताते हैं कि पहले ऑप्शन के अलावा अभी आकाश आनंद के पास कोई और रास्ता नहीं है.

 

 

सपा ने क्या ऑफर दिया?

 

 

इस बीच समाजवादी पार्टी ने उन्हें ‘समाजवादी विचाराधारा’ से जुड़ने का ऑफर दिया है। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा है कि समाजवादी विचारधारा के साथ आना चाहें तो स्वागत है। वर्मा ने कहा- पहली बात तो यह है कि हम सिर्फ बाबा साहेब के विचार की बात नहीं कर रहे बल्कि जमीन पर इस विषय पर काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दलित सांसद और विधायक हैं।

यह पूछे जाने पर कि अगर आकाश आनंद, सपा में आना चाहें तो क्या उनको मौका मिलेगा, वर्मा ने कहा- अगर उनकी नीतियां समाजवादी होंगी, तो अच्छी बात है। अगर उनकी नीतियां कुछ और होंगी, तो उनके लिए दरवाजे बंद हैं। वर्मा ने कहा कि यह बड़ी दुखद परिस्थिति है कि बसपा नेता मायावती आज अपने समाज नहीं सिर्फ परिवार के बारे में सोच रहीं हैं.

सपा से पहले निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद भी आनंद को भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए में आने का न्योता दे चुके हैं। हालांकि उनका न्योता, न्योता कम आनंद और बसपा की मौजूदा स्थिति पर चुटकी ज्यादा लगा।
क्या दूसरी पार्टी में जाएंगे आकाश आनंद?
इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि मायावती कई मुद्दों पर आकाश आनंद से नाराज हैं. बयानों के मामले में भी आकाश आनंद कभी मायावती के मुद्दों पर खरे नहीं उतरे. वह कभी नहीं चाहती हैं कि कोई ऐसा चेहरा पार्टी में हो जो लाइन से इतर जाए. यह पूछे जाने पर कि अगर आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ कोई नई पार्टी बनाएं और आकाश उसमें शामिल हों… शुक्ला ने कहा कि अशोक और आकाश- दोनों की कोई अपनी पहचान नहीं है. उनकी पहचान बसपा और मायावती से है. आकाश आनंद अपनी अलग पारी शुरू करेंगे या नहीं यह अलग मुद्दा है और भविष्य की बात है।

शुक्ला ने यह संभावना भी जताई की हो सकता है मायावती को अशोक के किसी दूसरी पार्टी से संपर्क की जानकारी मिली हो, इस वजह से उनकी नाराजगी बढ़ती चली गई हो। दूसरी ओर इस पूरे मामले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि मायावती के रहते आकाश आनंद को किसी और बाहरी दुश्मन की जरूरत नहीं है।

  • Related Posts

    राज्यसभा चुनाव: सपा ने नहीं बनाया मुस्लिम प्रत्याशी तो ST हसन बोले- ‘अखिलेश मुसलमानों के…’

    यूपी राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों…

    Continue reading
    ‘किसानों से नियमित करें संवाद’, मंडी परिषद निदेशक का सचिवों को निर्देश

    मुख्यमंत्री योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों और…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    राज्यसभा चुनाव: सपा ने नहीं बनाया मुस्लिम प्रत्याशी तो ST हसन बोले- ‘अखिलेश मुसलमानों के…’

    राज्यसभा चुनाव: सपा ने नहीं बनाया मुस्लिम प्रत्याशी तो ST हसन बोले- ‘अखिलेश मुसलमानों के…’

    शिवाजी पार्क प्रोटेस्ट : केस दर्ज होने पर बोले अभिजीत दीपके – ‘हम भी…’

    शिवाजी पार्क प्रोटेस्ट : केस दर्ज होने पर बोले अभिजीत दीपके – ‘हम भी…’

    डॉ. अम्बेडकर, अनुच्छेद 19 और उसकी वर्तमान में प्रासंगिकता

    डॉ. अम्बेडकर, अनुच्छेद 19 और उसकी वर्तमान में प्रासंगिकता

    भारत की पुरुष हॉकी टीम ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में पांचवीं बार जीता गोल्ड

    भारत की पुरुष हॉकी टीम ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में पांचवीं बार जीता गोल्ड

    राजस्थान पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग

    राजस्थान पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग

    ‘किसानों से नियमित करें संवाद’, मंडी परिषद निदेशक का सचिवों को निर्देश

    ‘किसानों से नियमित करें संवाद’, मंडी परिषद निदेशक का सचिवों को निर्देश