उज्जैन और काशी में नए साल की पहली आरती:VIP दर्शन बंद, आज दोनों ही जगह श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

साल के पहले दिन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 2024 की पहली भस्म आरती की गई। वहीं, वाराणसी में दशाश्वमेध घाट पर पहली गंगा आरती और सूर्य पूजा की गई। दोनों ही धर्मस्थलों पर आज 8-8 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए दोनों मंदिरों में VIP दर्शन बंद कर दिए गए हैं।

उज्जैन में आज एक दिन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बन सकता है। इससे पहले, 2016 में सिंहस्थ के शाही स्नान के पहले दिन यहां 6 लाख श्रद्धालु आए थे। सोमवार सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। सुबह 4 से 6 बजे तक करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने चलित भस्म आरती में बाबा के दर्शन किए। महाकाल का गर्म जल से अभिषेक किया गया।

आज एक दिन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बन सकता है। इससे पहले, 2016 में सिंहस्थ के शाही स्नान के पहले दिन यहां 6 लाख श्रद्धालु आए थे। सोमवार सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। सुबह 4 से 6 बजे तक करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने चलित भस्म आरती में बाबा के दर्शन किए। महाकाल का गर्म जल से अभिषेक किया गया।

1 जनवरी 2024 की होने वाली भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग एक महीने पहले फुल हो चुकी थी। 31 दिसंबर को सुबह 6 बजे ऑफलाइन बुकिंग की लाइन लगी, जो एक घंटे में फुल हो गई। हालांकि, चलित दर्शन व्यवस्था के चलते ज्यादा लोग तेजी से दर्शन कर पाए।

इससे पहले, क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान शनिवार, रविवार और सोमवार को तीन दिन में रिकॉर्ड तोड़ 11 लाख श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए थे। मंदिर समिति का दावा है कि नए साल के पहले दो दिनों में महाकाल लोक में 12 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
वही बात करे काशी विश्वनाथ मंदिर कि तो वहा भी मंदिर के चारों ओर भक्तों की 2-2 किलोमीटर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं। यह स्थिति 30 दिसंबर की शाम से ही बनी थी। लोगों की भीड़ को देखते हुए मंदिर कॉरिडोर में चारों ओर से प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं, ललिता घाट और दशाश्वमेध घाट से स्नान करते हुए भक्त लाइन में लगे हुए हैं।

मंदिर परिसर के पंडितो का कहना हैं आज न्यू ईयर पर सावन वाली व्यवस्था लागू की गई है। मंदिर में बाबा विश्वनाथ का प्रोटोकॉल, टिकट और VIP दर्शन बंद कर दिया गया है। प्रोटोकॉल और रुद्राभिषेक पर भी रोक लगा दी गई है।

आम भक्तों को ही दर्शन दिया जा रहा है। जब से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ हैं तब से कुल 13 करोड़ शिवभक्तों ने दर्शन-पूजन किया है। 13 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कॉरिडोर का लोकार्पण करने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ 10 गुना ज्यादा हो गई हैं।

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