महानगर के गोल चौराहे पर एक दुकान में लाल कार रुकी। उसमें 4 लोग रुके। सफेद टी शर्ट और चश्मा लगाए व्यक्ति ने 40 रुपए का बन खाया। इसके बाद पैसे देने की बारी आई तो दुकान से नाम पूछा। दुकानदार के नाम बताने पर बोला कि दुकान तुम्हारी है? दुकानदार ने बताया कि उसके एक रिश्तेदार की है। इस पर सफेद टी शर्ट वाला व्यक्ति यह कहते हुए जाकर अपनी कार में बैठ गया कि- रुको अभी तुमको बताता हूं। इस तरह से दुकान चला रहे हो। उसके कार में बैठते ही दुकान से एक लड़का क्यूआर कोड लाकर 40 रुपए पेमेंट करने को कहने लगा। इस पर वह व्यक्ति कार में बैठे हुए ही झगड़ा करता रहा।
तब तक दुकानदार ने डायल-112 पर इसकी सूचना दे दी। कुछ ही मिनट बाद 4-5 पुलिस वाले आ गए। उन्होंने चारों को नीचे उतरने को कहा। सभी नीचे उतरे लेकिन सफेद टी शर्ट वाला व्यक्ति बोला- मैं IPS हूं। मुझे सैल्यूट करो। मुझे नोएडा से यहां के इंस्पेक्शन के लिए भेजा गया है। एक सिपाही बोला- आपको सैल्यूट क्यों करें? आप वर्दी पहने होते तो आपको सैल्यूट भी किया जाता और कैप भी लगाते। इस पर फर्जी IPS रौब झाड़ने लगा। वह सबके नेमप्लेट पर देख-देखकर कहने लगा- अच्छा, तुम्हारा नाम यह है। रुको तुमको बताता हूं। ऐसा कैसे कर सकते हो? पुलिस अधिकारी आए तो काबू में आया ‘IPS






