मुख्य तथ्य और घटनाक्रम
ब्लास्ट की योजना: मॉड्यूल ने महीनों से तैयारी की थी। वे दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के हाई-प्रोफाइल इलाकों पर 200 शक्तिशाली IED हमले की योजना बना रहे थे। उन्होंने तीन कारें खरीदी, जिनमें से i20 को ब्लास्ट में इस्तेमाल किया गया। कोड वर्ड्स जैसे “बिरयानी” (विस्फोटक सामग्री के लिए) और “दावत” (खास इवेंट के लिए) का इस्तेमाल टेलीग्राम पर किया गया।
विस्फोटक जब्ती: राजधानी से 50 किमी दूर फरीदाबाद में 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुए, जिसमें 358 किलो अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफल्स, पिस्टल और IED कंपोनेंट्स शामिल थे।
ट्रिगर: मुख्य आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल शकील और रादर की गिरफ्तारी के बाद उमर ने घबराहट में ब्लास्ट कर दिया, जो मूल रूप से रिहर्सल था।
डॉक्टर आतंकियों का मॉड्यूल और तैयारी
यह ट्रांस-स्टेट नेटवर्क था, जिसमें 9-10 सदस्य थे, जिनमें 5-6 डॉक्टर शामिल थे। वे अल-फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) से जुड़े थे, जहां रेडिकलाइजेशन हुआ। मुख्य डॉक्टर:
डॉ. मुजम्मिल शकील (मुजम्मिल अहमद गनई): कश्मीर निवासी, अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में काम करता था। उसकी मेडिकल लाइसेंस रद्द हो चुकी थी। वह विस्फोटक स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने और i20 कार सुसाइड बॉम्बर को सौंपने में शामिल था। वह अन्य डॉक्टरों (मुजफ्फर अहमद, अदील अहमद रादर, शाहीन सईद) को भर्ती करने वाला मुख्य लिंक था।
डॉ. उमर उन नबी: सुसाइड बॉम्बर, जो ब्लास्ट से तीन हफ्ते पहले JeM के पोस्टर्स लगाने में शामिल था।
अन्य: डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सईद (ISKP से जुड़ा), डॉ. मुजफ्फर अहमद रादर (मुख्य लिंक)।
इन डॉक्टरों को रेडिकलाइज करने और ट्रेनिंग देने में मौलवी इरफान अहमद (इमाम इरफान) का प्रमुख रोल था। वह जम्मू-कश्मीर के शोपियां (साउथ कश्मीर) का निवासी है और ‘मौलवी इरवान वागा’ के नाम से जाना जाता है। उसने डॉक्टरों को रेडिकलाइज किया, व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल बनाया और सबसे पहले मुजम्मिल शकील को भर्ती किया। फिर, उसने पाकिस्तान-बेस्ड JeM हैंडलर हंजुल्ला (हंजुल्लाह) को मुजम्मिल से जोड़ा। हंजुल्ला ने एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए मुजम्मिल को 42 बम-बनाने वाले वीडियो भेजे (कुछ रिपोर्ट्स में 40+ बताया गया), जो पाकिस्तान से निर्देशित थे। ये वीडियो DIY बॉम्ब असेंबली और सुसाइड अटैक पर आधारित थे।
गिरफ्तारियां और जांच
गिरफ्तार: मुजम्मिल शकील, मुजफ्फर अहमद रादर, शाहीन सईद समेत 7 संदिग्ध। J&K पुलिस, हरियाणा पुलिस, UP पुलिस और सेंट्रल एजेंसियों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया।
अन्य लिंक्स: अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर स्कैनर, इसके फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी को ED ने PMLA के तहत गिरफ्तार किया (टेरर फाइनेंसिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के लिए)। 25 लोकेशन्स पर रेड, 48 लाख कैश और डिजिटल डिवाइसे जब्त।
पाकिस्तान कनेक्शन: मॉड्यूल JeM और Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) से जुड़ा। हंजुल्ला जैश का कमांडर है, जिसके पोस्टर्स नौगाम (J&K) में लगे थे। NIA जांच कर रही है कि क्या हैंडलर्स ने हाल के अन्य DIY बॉम्बिंग में रोल प्ले किया। मौलवी का स्टेटस: इरफान अहमद फरार है, लेकिन ट्रेसिंग चल रही है।








