नई दिल्ली। शराब घोटाले (दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2021-22) के साए में AAP और अरविंद केजरीवाल ने काफी कुछ भुगता और खोया। 27 फरवरी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI के केस में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा—“कोई ओवरऑल साजिश नहीं, कोई क्रिमिनल इंटेंट नहीं, सबूतों की भारी कमी।” जज जितेंद्र सिंह ने CBI की चार्जशीट को “कमजोर और भरी हुई खामियों से” बताया।
इस फैसले के बाद केजरीवाल फूट-फूटकर रो पड़े, पत्नी और बच्चों को गले लगाया—ये वही “रिहाई के आंसू” हैं जो जेल के दिनों के बाद की राहत और सालों के संघर्ष को दिखाते हैं। लेकिन इससे पहले उन्होंने क्या खोया और भुगता, ये तथ्य हैं:
इस फैसले के बाद केजरीवाल फूट-फूटकर रो पड़े, पत्नी और बच्चों को गले लगाया—ये वही “रिहाई के आंसू” हैं जो जेल के दिनों के बाद की राहत और सालों के संघर्ष को दिखाते हैं। लेकिन इससे पहले उन्होंने क्या खोया और भुगता, ये तथ्य हैं:
जेल के दिन (Personal Suffering)
अरविंद केजरीवाल: 21 मार्च 2024 को ED ने गिरफ्तार किया। ~50 दिन जेल के बाद मई 2024 में SC से अंतरिम जमानत (चुनाव प्रचार के लिए), फिर जून में CBI अरेस्ट। कुल 5-6 महीने (लगभग 156-177 दिन) तिहाड़ जेल में। SC ने सितंबर 2024 को बेल दी।
मनीष सिसोदिया: फरवरी 2023 से गिरफ्तार, 17 महीने जेल (530 दिन के करीब)।
अन्य AAP नेता: संजय सिंह (~6 महीने), विजय नायर आदि भी जेल गए। पार्टी के टॉप लीडरशिप का बड़ा हिस्सा जेल में रहा।
मनीष सिसोदिया: फरवरी 2023 से गिरफ्तार, 17 महीने जेल (530 दिन के करीब)।
अन्य AAP नेता: संजय सिंह (~6 महीने), विजय नायर आदि भी जेल गए। पार्टी के टॉप लीडरशिप का बड़ा हिस्सा जेल में रहा।
परिवार से अलगाव, स्वास्थ्य तनाव, रोजाना कोर्ट-कचहरी। केजरीवाल ने जेल से ही CM का काम चलाने की कोशिश की, लेकिन नैतिक दबाव में सितंबर 2024 में इस्तीफा देना पड़ा (आतिशी CM बनीं)।
राजनीतिक नुकसान (What They Lost)
सत्ता का बड़ा झटका: 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP की भारी हार—62 सीटों से घटकर सिर्फ 22, BJP ने 48 सीटें जीतीं। केजरीवाल अपनी नई दिल्ली सीट हार गए, सिसोदिया भी हारे। 2024 लोकसभा में भी दिल्ली की 7 सीटों पर AAP-कांग्रेस गठबंधन बुरी तरह हारा।
छवि का नुकसान: AAP की “ईमानदार, आम आदमी की पार्टी” वाली ब्रांड इमेज को गहरा धक्का। BJP ने उन्हें “भ्रष्टाचार का पोस्टर बॉय” बताया, विपक्षी हमले लगातार चले। “किंगपिन” का टैग, 100 करोड़ किकबैक और गोवा चुनाव में 45 करोड़ इस्तेमाल के आरोपों ने पार्टी की साख को हिला दिया। संगठन और विस्तार रुका: देशव्यापी सपना (गुजरात, गोवा आदि) ठप। कई नेता जेल में, पार्टी को बचाव मोड में आना पड़ा।
छवि का नुकसान: AAP की “ईमानदार, आम आदमी की पार्टी” वाली ब्रांड इमेज को गहरा धक्का। BJP ने उन्हें “भ्रष्टाचार का पोस्टर बॉय” बताया, विपक्षी हमले लगातार चले। “किंगपिन” का टैग, 100 करोड़ किकबैक और गोवा चुनाव में 45 करोड़ इस्तेमाल के आरोपों ने पार्टी की साख को हिला दिया। संगठन और विस्तार रुका: देशव्यापी सपना (गुजरात, गोवा आदि) ठप। कई नेता जेल में, पार्टी को बचाव मोड में आना पड़ा।
अन्य भुगतान
कानूनी और आर्थिक बोझ: सालों की लड़ाई, वकीलों पर करोड़ों खर्च (AAP का दावा—शराब घोटाले केसों में अकेले 21.50 करोड़ वकीलों पर गए)। सरकार पर असर: नीति रद्द हुई, राजस्व विवाद, CAG रिपोर्ट में घाटे के आरोप (जो AAP ने खारिज किए)। जेल से शासन चलाने की नौबत—मोरल और एडमिनिस्ट्रेटिव दबाव।
भावनात्मक कीमत: परिवार का दर्द, सार्वजनिक अपमान, “भ्रष्ट” टैग। रिहाई पर आंसू और आज के फैसले पर भावुक होना इसी का नतीजा।
भावनात्मक कीमत: परिवार का दर्द, सार्वजनिक अपमान, “भ्रष्ट” टैग। रिहाई पर आंसू और आज के फैसले पर भावुक होना इसी का नतीजा।








