भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया, केन्या, युगांडा के उभरते हुए बाजारों में ‘क्रॉस बॉर्डर’ सहयोग

नई दिल्ली| नीति आयोग ने यूएनसीडीएफ बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और राबो फाउंडेशन के साथ भागीदारी में साउथ-साउथ इनोवेशन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत, इंडोनेशिया, मलावी, मलेशिया, केन्या, युगांडा, जाम्बिया के उभरते हुए बाजारों में ‘क्रॉस बॉर्डर’ सहयोग स्थापित हो सकेगा। नीति आयोग और संयुक्त राष्ट्र पूंजी विकास कोष (यूएनसीडीएफ) ने अपने महत्वाकांक्षी नवाचारी एग्री-टेक कार्यक्रम के लिए अपना पहला एग्री-टेक चैलेंज कोहॉर्ट शुरू किया है। इसका उद्देश्य कोरोना महामारी के परिणामस्वरूप पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में एशिया और अफ्रीका के छोटे किसानों की मदद करना है। यह कार्यक्रम 21 दिसम्बर, 2021 आयोजित किया गया।

कोहॉर्ट की वर्चुअल घोषणा के दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि भारत में, 50 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर करती है और इसका सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 15-18 प्रतिशत योगदान है। चूंकि कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जो भावनात्मक रूप से लोगों को आकर्षित करता है। भारतीय एजेंसियों को देश के उद्योग परि²श्य को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत उपाय हेतु प्रेरित किया जाता है। हम नीति आयोग में कृषि क्षेत्र के परि²श्य को बेहतर बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल होने तक और उसके बाद भी काम करना जारी रखेंगे।

यह कोहॉर्ट मृदा विश्लेषण, कृषि प्रबंधन और इंटेलिजेंस, डेयरी इकोसिस्टम, कार्बन क्रेडिट, सौर-आधारित कोल्ड स्टोरेज, डिजिटल मार्केटप्लेस, फिनटेक, पशुधन बीमा, आदि सहित छोटे किसानों की मूल्य श्रृंखला में समाधानों की विविध श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है।

इंक्लूसिव फाइनेंस प्रैक्टिस एरिया, यूएनसीडीएफ निदेशक, हेनरी डोमेल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यूएनसीडीएफ डिजिटल युग में विशेष रूप से कम विकसित देशों में किसी को पीछे नहीं छोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। एशिया और अफ्रीका में हमारा जुड़ाव कमजोर और सहायता प्राप्त करने वाले एसडीजी के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सहयोगात्मक पहल पर आधारित है। दोनों क्षेत्रों के बीच समन्वय और सीखने के व्यापक अवसर हैं, जो एक उन्नत नवाचारी इकोसिस्टम द्वारा रेखांकित किए गए हैं, ये अनेक साझा चुनौतियों का समाधान करने के लिए काम कर रहे हैं। साउथ-साउथ प्लेटफॉर्म इस दिशा में ज्ञान और समाधानों के आदान-प्रदान को सक्षम बनाने के लिए परस्पर सर्जित प्रयास है, जिसमें एग्रीटेक चैलेंज उद्घाटन पहल के रूप में मौजूद है।

आने वाले हफ्तों में, चयनित प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष उद्योग संबंध, लक्षित बाजार और क्षेत्र की समझ, निवेशक जुड़ाव, देश की सीमाओं से बाहर परिज्ञान का विस्तार तथा वित्तीय अनुदान प्राप्त करने के अवसर के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय विस्तार को सक्षम बनाने में सहायता मिलेगी।

अपने संबोधन में, मिशन निदेशक, अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग, डॉ. चिंतन वैष्णव ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत का नवाचार इकोसिस्टम तेजी से परिपक्व हुआ है और भारतीय उद्यमियों और शोधकर्ताओं की रचनात्मकता और जोश सबसे कठिन कुछ सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एग्रीटेक चैलेंज छोटे किसानों के वित्तीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के बारे में ध्यान केन्द्रित करता है और यह वैश्विक वित्तीय स्वास्थ्य के लिए वैश्विक केन्द्र के तहत यूएनसीडीएफ के कार्य के हिस्से के रूप में नए बाजार में प्रतिभागियों को अपने समाधान तैयार करने और उनका परीक्षण करने में मदद करने के लिए काम करेगा और समाधानों को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगा।

एग्रीटेक चैलेंज अंतर्राष्ट्रीय विस्तार की तैयारी में मदद करने के लिए एक समर्पित एआईएम-ट्रैक के तहत एआईएम-इनक्यूबेटेड प्रारंभिक चरण के इनोवेटरों को भी शामिल कर रहा है। इसके अलावा, सिंचाई प्रौद्योगिकी, फिनटेक, ऑनलाइन मार्केटप्लेस, स्मार्ट फामिर्ंग, कोल्ड स्टोरेज सहित अन्य क्षेत्रों में 15 अन्य होनहार एआईएम-इनक्यूबेटेड इनोवेटर्स का चयन किया गया है। उन्हें वैश्विक विशेषज्ञों द्वारा दक्षता प्रशिक्षण के माध्यम से विस्तार का पता लगाने में सहायता प्रदान की जाएगी और उन्हें उद्योग के दिग्गजों के साथ जुड़ने का भी अवसर प्राप्त होगा।

एसडीजी प्राप्त करने में मदद के लिए एशिया और अफ्रीका में अपनी भागीदारी पर जोर देते हुए, प्राइवेट सेक्टर पार्टनरशिप लीड, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की अंजनी बंसल ने कहा कि एशिया और अफ्रीका में हमारा जुड़ाव एसडीजी हासिल करने में मदद करने की सहयोगी पहल पर आधारित है। दोनों क्षेत्रों के मध्य समन्वय और सीखने के व्यापक अवसर मौजूद हैं, जिन पर नवाचारी इकोसिस्टम द्वारा बल दिया गया है, जो अनेक साझा चुनौतियों का समाधान करने के लिए काम कर रहा है। एग्रीटेक चैलेंज साउथ-साउथ प्लेटफॉर्म की एक उद्घाटन पहल है, जिसे दो क्षेत्रों के बीच ज्ञान और समाधानों के आदान-प्रदान की सुविधा के लिए बनाया गया है।

Related Posts

 1200 करोड़ का चुनावी चंदा देने वाली मेघा इंजीनियरिंग पर सीबीआई ने दर्ज किया केस 
  • TN15TN15
  • April 13, 2024

द न्यूज 15 ब्यूरो  नई दिल्ली। चुनावी बॉन्‍ड…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

आंबेडकरवादी राजनीतिक–सैद्धांतिक परिप्रेक्ष्य में संत कबीर: नैतिक विद्रोह से सामाजिक मुक्ति की राजनीति तक

  • By TN15
  • June 29, 2026
आंबेडकरवादी राजनीतिक–सैद्धांतिक परिप्रेक्ष्य में संत कबीर: नैतिक विद्रोह से सामाजिक मुक्ति की राजनीति तक

लुधियाना में मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर स्कूल प्रिंसिपल की बेरहमी से हत्या, बेटे को बनाया बंधक

  • By TN15
  • June 29, 2026
लुधियाना में मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर स्कूल प्रिंसिपल की बेरहमी से हत्या, बेटे को बनाया बंधक

अनमोल इंडस्ट्रीज, ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों का काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, प्रबंधन पर समझौता टालने और पुलिस पर दमन का आरोप

  • By TN15
  • June 29, 2026
अनमोल इंडस्ट्रीज, ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों का काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, प्रबंधन पर समझौता टालने और पुलिस पर दमन का आरोप

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में गंगाजल पाइपलाइन के खुले गड्ढे में समाई कार, बड़ा हादसा टला; बाल-बाल बची युवक की जान

  • By TN15
  • June 29, 2026
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में गंगाजल पाइपलाइन के खुले गड्ढे में समाई कार, बड़ा हादसा टला; बाल-बाल बची युवक की जान

‘आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी’, जनता दर्शन में बोले CM योगी आदित्यनाथ

  • By TN15
  • June 29, 2026
‘आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी’, जनता दर्शन में बोले CM योगी आदित्यनाथ

IND Vs IRE: ‘वैभव ऐसे ही पानी पिलाता रह जाएगा’, आयरलैंड दौरे पर टीम में नहीं मिला मौका तो सोशल मीडिया पर भड़के फैन्स

  • By TN15
  • June 29, 2026
IND Vs IRE: ‘वैभव ऐसे ही पानी पिलाता रह जाएगा’, आयरलैंड दौरे पर टीम में नहीं मिला मौका तो सोशल मीडिया पर भड़के फैन्स