ग्रामीण पथ सुदृढ़ीकरण को मिली नई रफ्तार
पटना। दीपक कुमार तिवारी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ‘संकल्प’ सभागार, 1 अणे मार्ग से रिमोट के माध्यम से 8,716 करोड़ रुपये की लागत से 6,938 ग्रामीण पथों (लंबाई 12,105 किमी) के सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। यह कार्य ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण सड़कों को टिकाऊ, सुरक्षित और आधुनिक मानकों पर बनाए रखना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीण कार्य विभाग को बधाई देते हुए कहा कि “ग्रामीण पथों की मरम्मति एवं रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। बरसात पूर्व जिन सड़कों की मरम्मति की जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीणों को लगातार मजबूत और सुरक्षित सड़क सुविधा मिलती रहे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुदृढ़ सड़क नेटवर्क राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास की रीढ़ है। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि नये ग्रामीण पथों के निर्माण एवं पुराने सड़कों के उन्नयन से राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक की यात्रा महज 4 घंटे में संभव हो सकेगी।
इस अवसर पर ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह ने विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि से बाहर हो चुके 14,087 पथों (लंबाई 24,482 किमी) के सुदृढ़ीकरण के लिए 21,733 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। सभी सड़कों को अगले 7 वर्षों तक मानक अनुरूप बनाए रखने की योजना है, जिसमें दो बार कालीकरण (री-सर्फेसिंग) भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण कार्य विभाग की पुस्तिका का विमोचन किया और विभागीय लघु फिल्म भी देखी। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री दीपक कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री अशोक चौधरी सहित कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी एवं विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।






