विशेष रूप से, चंद्रशेखर ने 21 अक्टूबर 2024 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अगर इस तरह की हिंसा को बढ़ावा दिया गया, तो वह संसद में आवाज उठाकर कानून बनवाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा, 14 नवंबर 2024 को यूपीपीएससी परीक्षा के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के समर्थन में उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो उनकी पार्टी और भीम आर्मी हर जिले में विरोध प्रदर्शन करेगी।
हाल ही में, 29 जून 2025 को प्रयागराज में उनकी नजरबंदी के बाद समर्थकों ने पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की, जिसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलने की जिद्द की और सरकार पर दमनकारी नीतियों का आरोप लगाया। चंद्रशेखर आजाद ने बार-बार दलितों, अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की वकालत की है और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की है। उनकी यह चेतावनी सामाजिक न्याय और समानता के लिए उनके चल रहे आंदोलन का हिस्सा है।








