प्रयागराज। चंद्रशेखर आजाद, जो आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद हैं, ने प्रयागराज में हुई हिंसा के संबंध में यह बयान दिया, जब उनसे पूछा गया कि क्या हिंसा में शामिल लोग उनके कार्यकर्ता थे। उन्होंने गुस्से में जवाब दिया, “किसने कहा वो हमारे कार्यकर्ता थे?” उन्होंने इस धारणा को खारिज करते हुए कहा कि केवल नीला झंडा देखकर किसी को उनके कार्यकर्ता मान लेना मीडिया का पूर्वाग्रह है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की कि हिंसा में शामिल लोगों की जांच हो और सच्चाई सामने आए।
यह घटना तब हुई जब चंद्रशेखर को प्रयागराज में नजरबंद किया गया था, क्योंकि वे कौशांबी और करछना में हाल की घटनाओं के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। उनकी नजरबंदी के विरोध में उनके समर्थकों ने करछना के भड़ेवरा बाजार में हंगामा किया, जिसमें पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी हुई, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग घायल हो गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। चंद्रशेखर ने प्रशासन पर पीड़ित परिवारों से मिलने से रोकने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे प्रयागराज नहीं छोड़ेंगे।






