परिणाम से पहले ही खुला बीजेपी का खाता, सूरत से मुकेश दलाल निर्विरोध जीते

कांग्रेस के प्रत्याशी नीलेश कुंभानीका परचा हो गया है कैंसिल, बीएसपी के प्यारेलाल भारती ने वापस लिया है अपना नामांकन 

सूरत। गजब कर दिया सूरत से चुनाव लड़ रहे बीजेपी प्रत्याशी ने। लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान ही अभी हुआ है कि बीजेपी के सूरत प्रत्याशी मुकेश दलाल ने जीत दर्ज कर ली है। सूरत में बीजेपी उम्मीदवार मुकेश दलाल का निर्विरोध चुन लिए गए हैं। प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष सीआर पाटिल ने इसकी जानकारी दी। सूरत में कांग्रेस उम्मीदवार निलेश कुंभानी का नामांकन रद्द हो गया है। इस सीट से बीएसपी के प्यारेलाला भारती ने अपना नामांकन वापस लिया है। इसके बाद मैदान में कोई भी उम्मीदवार नहीं बचा था। ऐसे में बीजेपी के मुकेश दलाल निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा था। बाकी सारे उम्मीदवारों ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।

 

कांग्रेस का आरोप

 

गुजरात कांग्रेस प्रमुख शक्तिसिंह गोहिल ने रविवार को आरोप लगाया कि सूरत लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन फॉर्म बीजेपी के इशारे पर खारिज कर दिया गया, क्योंकि उसे चुनाव में हार का एहसास हो गया है। गोहिल ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।

फॉर्म में प्रस्तावकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों को लेकर पार्टी उम्मीदवार नीलेश कुंभानी का नामांकन फॉर्म रद्द करने के रिटर्निंग अधिकारी के फैसले के खिलाफ कांग्रेस गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी। कांग्रेस सूरत निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान से बाहर हो गई है।

सूरत से उम्मीदवार सुरेश पडसाला का नामांकन फॉर्म भी अमान्य कर दिया गया है। रिटर्निंग ऑफिसर सौरभ पारधी ने अपने आदेश में कहा कि कुंभानी और पडसाला के जमा किए गए चार नामांकन फॉर्म प्रथम दृष्टया, प्रस्तावकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियां पाए जाने और वास्तविक नहीं लगने के बाद खारिज कर दिए गए।

गोहिल ने आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी परेशान है क्योंकि उसे यह एहसास हो गया है. इस बार (चुनाव में) स्थिति उनके अनुकूल नहीं है. इसने कांग्रेस उम्मीदवारों के फॉर्म को किसी भी तरह से रद्द करने की साजिश रची है. कुंभानी अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद से ही उनके निशाने पर थे क्योंकि बीजेपी को सूरत सीट पर हार का एहसास हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंभानी को धमकी देने की भी कोशिश की गई।

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