चरण सिंह
वक्फ संसोधन बिल को लेकर भले ही मुस्लिम नेताओं के साथ ही विपक्ष देशभर में आंदोलन करने जा रहा हो, भले ही बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेकुलर चेहरे पर उंगली उठाकर मुस्लिम नेता जदयू से इस्तीफा देने में लगे हों, भले ही मुसलमानों के निशाने पर बीजेपी के साथ ही एनडीए के घटक दल भी आ गए हों पर बीजेपी वक्फ संसोधन बिल के माध्यम से बड़ा दांव चल दिया है। देखने की बात यह है कि बीजेपी ने घटक दलों को भी विश्वास में ले लिया है। बीजेपी देश में हिन्दू मुस्लिम का माहौल बनाने में सफल हो रही है। बीजेपी ने देश में यह संदेश दे दिया है कि हिन्दुओं की बात करने वाली पार्टी ही अब देश में राजनीति कर पाएगी।
लोकसभा में जो जदयू के खाते के मंत्री ललन सिंह ने जो बीजेपी मय भाषण दिया वह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा था। दरअसल एनडीए को 2020 के विधानसभा चुनाव में मात्र 5 फीसद वोट मिले थे। नीतीश कुमार को यह बात समझा दी गई है कि मुस्लिमों के चक्कर में अब आपको हिन्दू वोट भी नहीं मिलेंगे। बीजेपी ने यह बात अपने घटक दलों को समझा दी है कि जिस तरह से महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में चुनाव जीता गया है। ऐसे ही बिहार में भी हिंदुत्व पर चुनाव जीता जाएगा।
दरअसल बीजेपी ने मीडिया के साथ ही विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से देश में हिन्दू मुस्लिम का माहौल बना दिया है। अब वक्फ संसोधन बिल के माध्यम से बीजेपी यह माहौल बनाने में लगी है कि वक्फ बोर्ड ने आम मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया। कुछ गिने चुने लोग वक्फ बोर्ड का मजा लेते रहे। वक्फ बोर्ड को क्रप्ट करार देने में बीजेपी सफल होती दिखाई दे रही है।
बीजेपी की रणनीति है कि विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में वक्फ बोर्ड से आम मुसलमानों को विभिन्न मदों में आर्थिक सहायता के साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में लाभ पहुंचा दिया जाए। ऐसे में एक और जहां एनडीए आम मुसलमानों का विश्वास जीतने में सफल रहेगा वहीं वोट भी हासिल हो जाएंगे। दरअसल जब केंद्र सरकार ट्रिपल तलाक कानून लाई थी तो बड़े स्तर पर मुस्लिम महिलाओं का वोट बीजेपी को मिलने का दावा किया गया था। ऐसे में एनडीए में बीजेपी घटक दल भी बीजेपी के विश्वास में आ चुके हैं।